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बिलनी (गुहेरी) क्या होती है, और यह क्यों होती है?

एक आँख stye की तस्वीर चित्रण

बिलनी (गुहेरी) क्या होती है?

बिलनी या गुहेरी, पलक में होने वाला एक संक्रमण है जिसके कारण पलक के किनारे के पास एक नर्म,  लाल उभार  उत्पन्न हो जाता है। बिलनी या गुहेरी (जिसे अंग्रेज़ी में स्टाई या होर्डिओलम भी कहते हैं) बैक्टीरिया के कारण होती है और यह किसी बरौनी के आधार पर (जहां इसे बाहरी बिलनी या गुहेरी कहते हैं) या पलक के अंदर मौजूद छोटी-छोटी तेल ग्रंथियों में से किसी ग्रंथि में (जहां इसे अंदरूनी बिलनी या गुहेरी कहते हैं) हो सकती है।

जब तेल ग्रंथियां या रोम कूप मेकअप, मृत त्वचा, या धूल-गंदगी के कारण बंद हो जाते हैं, तो बैक्टीरिया उसमें अंदर फंसे रह जाते हैं और संक्रमण कर सकते हैं। इस संक्रमित ग्रंथि को बिलनी या गुहेरी कहते हैं। 

बिलनियों (गुहेरियों) के प्रकार

  1. बाहरी बिलनी (गुहेरी): एक बरौनी के आधार पर बिलनी (गुहेरी)।

  2. अंदरूनी बिलनी (गुहेरी): पलक के भीतर छोटी तेल ग्रंथियों में से एक के भीतर बिलनी (गुहेरी)।

हालांकि बिलनियां (गुहेरियां) तेल ग्रंथि के बंद हो जाने का नतीजा होती हैं, पर कई अन्य कारणों से भी आपकी पलक में उभार उत्पन्न हो सकते हैं, जैसे मिलिया (सफ़ेद धब्बा), कलेज़िया (पलकों की गिल्टी), कोई खरोंच, या दुर्लभ मामलों में, कैंसर। 

बिलनी (गुहेरी) क्यों होती है?

बिलनी (गुहेरी) के लिए स्टेफ़िलोकोकस बैक्टीरिया ज़िम्मेदार होता है। यह बैक्टीरिया नाक में पाया जाता है और जब आप अपनी नाक रगड़कर अपनी आंखें छूते हैं तो यह आसानी से आंख में पहुंच जाता है।

बैक्टीरिया बरौनियों के रोमकूपों में शोथ या संक्रमण उत्पन्न कर सकते हैं — रोमकूप वे तेल ग्रंथियां हैं जो वाहिकाओं के जरिए बरौनियों तक तेल पहुंचाती हैं। जब नलिका बंद हो जाती है, तो तेल बह कर नहीं जा पाता और ग्रंथियों में भरने लगता है। ग्रंथि सूज कर लाल हो जाती है, जिससे बिलनी (गुहेरी) बन जाती है।

बिलनियों (गुहेरियों) के सबसे आम कारण इस प्रकार हैं:

  • अपनी आंख को छूना या रगड़ना/मलना 

  • आपकी पलक में ब्लेफराइटिस के कारण शोथ

  • आंखों के दूषित मेकअप का उपयोग करना

  • अपनी पलकें साफ नहीं करना या मेकअप नहीं उतारना

  • पहले कभी बिलनियां (गुहेरियां) होना

  • चिकित्सीय स्थितियां, जैसे:

बिलनी (गुहेरी) के लक्षण और संकेत

बिलनी (गुहेरी) के लक्षण इस प्रकार हैं:

लक्षण दिखाई देने के बाद, प्रभावित क्षेत्र में एक छोटा दाना विकसित होगा जो प्रायः दर्दयुक्त होता है। आमतौर पर इसके साथ-साथ आंखों में सूजन भी आ जाती है। कभी-कभी बस पास का क्षेत्र सूज जाता है; और अन्य मामलों में, पूरी पलक सूज जाती है। यदि आपको केवल अपनी पलक की बजाय आंख में दर्द महसूस हो, तो अपने चिकित्सक को दिखाएं। 

आपको बिलनी (गुहेरी) कहां हो सकती है?

बिलनियां (गुहेरियां) पलकों के कई स्थानों पर हो सकती हैं:

  • ऊपरी पलक पर बिलनी (गुहेरी)

  • निचली पलक पर बिलनी (गुहेरी)

  • पलक के अंदर बिलनी (गुहेरी)

  • पलक के नीचे बिलनी (गुहेरी)

अंदरूनी बिलनियों (गुहेरियों) के मामले में अपने चिकित्सक को दिखाना बेहतर रहता है। बाहरी बिलनियों (गुहेरियों) का उपचार घर पर किया जा सकता है, पर यदि वे एक सप्ताह के बाद भी ठीक न हों तो आपको चिकित्सीय देखभाल लेनी चाहिए। 

बिलनियों (गुहेरियों) के बारे में जानने के लिए 8 बातें:

1. क्या बिलनियों (गुहेरियों) से दृष्टि संबंधी समस्याएं होती हैं?

पास या दूर तक अच्छी तरह से देखने की आपकी क्षमता पर बिलनी (गुहेरी) का प्रभाव नहीं होना चाहिए। यदि कोई बिलनी (गुहेरी) आपकी दृष्टि को प्रभावित कर रही है, तो अपने आंखों के चिकित्सक को दिखाएं। 

2. क्या बिलनियां (गुहेरियां) संक्रामक होती हैं?

अधिकांश मामलों में, बिलनियां (गुहेरियां) संक्रामक नहीं होती हैं। हालांकि ऐसा संभव है कि बैक्टीरिया एक से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच जाए। इसके लिए यह ज़रूरी होगा कि बिलनी (गुहेरी) से ग्रस्त व्यक्ति अपनी आंख छुए और फिर बैक्टीरिया को सीधे किसी अन्य व्यक्ति की आंख तक पहुंचा दे।

3. बिलनियों (गुहेरियों) के ठीक होने में कितना समय लगता है?

अधिकतर बिलनियां (गुहेरियां) 3 से 7 दिन में ठीक हो जाती हैं, पर वे एक से दो सप्ताह भी टिक सकती हैं। आप कई दिनों तक, दिन में तीन से चार बार, 10 से 15 मिनट के लिए हल्की गरम पट्टियां लगाकर इनके ठीक होने की प्रक्रिया को तेज़ कर सकते हैं। 

इससे पीड़ा दूर होगी और बिलनी (गुहेरी) का मुंह बन जाएगा, जैसा आप मुंहासों में देखते हैं। ज़्यादातर मामलों में, इसके बाद बिलनी (गुहेरी) खुलकर बह जाती है और अधिक छेड़छाड़ के बिना ठीक हो जाती है।

हालांकि अधिकतर बिलनियां (गुहेरियां) बुनियादी घरेलू नुस्खों से ठीक हो जाती हैं, पर कुछ को चिकित्सीय उपचार की या सर्जरी द्वारा खाली करने की ज़रूरत पड़ती है।

4. क्या आप बिलनी (गुहेरी) को फोड़ सकते हैं?

जिस तरह आपको मुंहासे को फोड़ना नहीं चाहिए, उसी तरह यह बात आंखों की बिलनी (गुहेरी) के लिए भी सच है। आपको कभी-भी किसी बिलनी (गुहेरी) को फोड़ना नहीं चाहिए, बल्कि उसे अपने-आप खुलने देना चाहिए।

पलक के अंदर बनने वाली बिलनी (गुहेरी) (जिसे अंदरूनी बिलनी / गुहेरी भी कहते हैं) बिना फूटे भी खुद से ठीक हो जा सकती है। चूंकि इस प्रकार की बिलनी (गुहेरी) अधिक गंभीर हो सकती है, इसलिए आपके आंखों के चिकित्सक को इसे खोलकर खाली करने की ज़रूरत पड़ सकती है।

यदि आपको बारंबार बिलनियां (गुहेरियां) होती रहती हैं, तो आपके आंखों के चिकित्सक आपको एंटीबायोटिक मरहम लिख सकते हैं। बिलनयों (गुहेरियों) और ब्लेफराइटिस के जोख़िम को घटाने के उद्देश्य से पलकों की दैनिक साफ-सफाई के लिए वे पलकों की सफाई के, पहले से नम किए हुए पैड भी सुझा सकते हैं।

5. बिलनियों (गुहेरियों) के साथ आंख में और कौन सी समस्याएं हो सकती हैं?

बिलनी (गुहेरी) होने पर, प्रभावित आंख में अक्सर पानी आने की समस्या हो सकती है, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता बढ़ सकती है और आंख “में” कुछ पड़े होने का एहसास हो सकता है (इस लक्षण को “आंख में कुछ पड़ा होने का एहसास” कहते हैं।”).

6. क्या तनाव के कारण बिलनियां (गुहेरियां) होती हैं?

तनाव से बिलनियां (गुहेरियां) होने का कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। हालांकि, चूंकि बिलनियां (गुहेरियां) एक संक्रमण हैं, अतः आपके प्रतिरक्षा तंत्र को नुकसान पहुंचाने वाली कोई भी चीज़, जैसे तनाव या नींद की कमी, आपमें संक्रमण होने की संभावना बढ़ा सकती है। साथ ही, नींद की कमी के कारण अक्सर व्यक्ति अपनी आंखें अधिक बार रगड़ता/मलता है, जो एक जोख़िम कारक हो सकता है।

7. मुझे बार-बार बिलनियां (गुहेरियां) क्यों होती रहती हैं?

यदि आपको बार-बार बिलनियां (गुहेरियां) होती रहती हैं तो ऐसा हो सकता है कि आपने उन जोख़िम कारकों पर ध्यान नहीं दिया है जो उनके कारण हैं, जैसे पलकों की ठीक से साफ-सफाई नहीं करना, आंखों में उत्तेजना या खुजली होना, अपनी आंखें रगड़ना/मलना, या अपने कॉन्टैक्ट लेंसों की सफाई सुझाई गई समय-सारणी के अनुसार नहीं करना। 

8. बिलनी (गुहेरी) के होने की पुष्टि कैसे की जाती है?

आपके चिकित्सक आमतौर पर देखने मात्र से बिलनी (गुहेरी) की पुष्टि कर सकते हैं और इसके लिए किसी अन्य परीक्षण की ज़रूरत नहीं पड़ती है। 

बिलनी (गुहेरी) का उपचार कैसे होता है?

घर पर बिलनी (गुहेरी) के उपचार के लिए आप कई चीज़ें कर सकते हैं

  • अपनी पलकों को साफ करें।

  • अपने हाथ बारंबार धोएं।

  • पलक साफ करने के पैड का उपयोग करें।

  • कुछ समय के लिए आंखों का मेकअप करना छोड़ दें।

  • कॉन्टैक्ट्स के स्थान पर चश्मा पहनें।

  • हल्की गरम पट्टियां या हल्का गरम साफ कपड़ा रखें।

  • एंटीबायोटिक क्रीम का उपयोग करें।

  • हल्के हाथ से मालिश करें।

अधिक विस्तृत जानकारी के लिए बिलनी (गुहेरी) से छुटकारा पाने के बारे में हमारा लेख देखें.

बिलनियों (गुहेरियों) की रोकथाम कैसे करें

  • अपनी आंखों को न तो छुएं और न ही रगड़ें/मलें

  • अपने हाथ बारंबार धोएं या हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें

  • आंखों में खुजली उत्पन्न करने वाली समस्याओं, जैसे एलर्जी, का उपचार करें

  • मूल में स्थित स्थितियों, जैसे रोज़ेशिया, डर्मेटाइटिस, या ब्लेफराइटिस, का उपचार करवाएं

  • कॉन्टैक्ट लेंसों का उपयोग और उनकी सफाई निर्देशों के अनुसार करें

  • अपने हाथ साबुन और गुनगुने पानी से धोएं, या एल्कोहल युक्त हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें।

  • आंखों का मेकअप न करें और पुराने मेकअप का उपयोग न करें

  • जब भी संभव हो, कॉन्टैक्ट्स के स्थान पर चश्मा पहनें

क्या मुझे बिलनी (गुहेरी) के लिए किसी चिकित्सक या ऑप्टोमेट्रिस्ट को दिखाना चाहिए?

हालांकि ज़्यादातर बिलनियां जल्दी ठीक हो जाती हैं, पर अतिरिक्त सलाह के लिए अपने आंखों के चिकित्सक से संपर्क करने में संकोच न करें। आपके चिकित्सक उसे तेज़ी से ठीक होने में मदद के लिए कोई मरहम या बिलनी (गुहेरी) की कोई दवा लिख सकते हैं।

ऐसा हो तो अपने चिकित्सक को कॉल करें:

  • बिलनी (गुहेरी) कुछ दिनों बाद भी ठीक होना शुरू न करे।

  • बिलनी (गुहेरी) और बढ़ती जाए।

  • सूजन बढ़ती जाए।

  • आपकी दृष्टि प्रभावित हो जाए।

पलक पर उभार. मेडलाइनप्लस (MedlinePlus), नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन। फ़रवरी 2021.

सेबोरीक डर्मेटाइटिस. नेशनल एक्ज़ीमा एसोसिएशन। मार्च 2021 को एक्सेस किया गया।

मधुमेह. मायो क्लिनिक। अक्तूबर 2020. 

क्या बिलनी (गुहेरी) को फोड़ना उचित है? American Academy of Ophthalmology (AAO). मार्च 2014.

जब मैं पलक झपकाता/ती हूं तो ऐसा क्यों लगता है जैसे मेरी आंख में कुछ है? American Academy of Ophthalmology (AAO). मार्च 2019.

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