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आपकी आंखों के लिए नीली रोशनी कितनी खराब और अच्छी है

 मनुष्य चश्मा पहने हुए कंप्यूटर को देखते हुए अपनी आंख को रगड़ता है।
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नीली रोशनी (ब्लू लाइट) दृश्यमान प्रकाश का हिस्सा है जिसकी  तरंग (वेवलेंग्थ)  सबसे छोटी और उच्चतम ऊर्जा  की  होती है, और यू॰ वी॰ किरणों के समान है, इसके लाभ और हानि दोनों ही हैं ।

नीली रोशनी (ब्लू लाइट) के बारे में महत्वपूर्ण बातें जिसकी आपको जानकारी होनी चाहिए ।

1॰ नीली रोशनी (ब्लू लाइट) हर जगह है ।

सूरज की रोशनी नीली रोशनी (ब्लू लाइट) का मुख्य एक स्रोत है, और दिन के उजाले के दौरान बाहर रहकर जहां हम में से अधिकांश लोगों को इसका अधिकतम एक्सपोजर प्राप्त होता है, लेकिन कई मैन मेड (मानव निर्मित), नीले प्रकाश के आंतरिक सोर्स भी हैं, जिनमें फ्लोरोसेंट और एल॰ई॰डी की लाइट

और फ्लैट स्क्रीन टी. वी॰ शामिल हैं ।

सबसे विशेष रूप से, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक नोटबुक, स्मार्टफोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की डिस्प्ले स्क्रीन नीले प्रकाश की महत्वपूर्ण मात्रा इमिट (उत्सर्जन) करती हैं ।

इन उपकरणों को इमेटेड (उत्सर्जित) करने वाले उच्च ऊर्जा दृश्यमान प्रकाश ( HEV LIGHT )  की मात्रा सूर्य द्वारा इमेटेड होने वाले प्रकाश का केवल एक अंश है, लेकिन इन उपकरणों का उपयोग करते हुए लोग जितना समय बिता देते हैं, और लोंगों की आंखों के लिए इन स्क्रीन की निकटता होने की वजह से स्वास्थ्य देखभाल की दृष्टिकोण से कई नेत्र चिकित्सकों तथा पेशेवर स्वास्थ्यकर्मी के लिए यह एक गंभीर चिंता का विषय है ।

2. उच्च ऊर्जा दृश्यमान प्रकाश ( HEV LIGHT )  किरणें आकाश को नीला रूप में दिखाती हैं ।

शॉर्ट वेव लेंग्थ वाली उच्च-ऊर्जा प्रकाश किरणें जो कि एक  दृश्यमान प्रकाश स्पेक्ट्रम के नीले सिरे पर होती है, अन्य दृश्यमान प्रकाश किरणों की तुलना में अधिक आसानी से बिखेरती हैं , जब वे वायुमंडल में हवा और पानी के अणुओं पर प्रहार करती हैं । इन किरणों के उच्च डिग्री पर बिखरने से बादल रहित आकाश नीले रूप में दिखायी देते है ।

3. आंखें नीली रोशनी (ब्लू लाइट) को अवरुद्ध (ब्लोक्किंग) करने पर बहुत अच्छी नहीं है ।

अडल्ट आम आदमी की आंख की अंटीरियर स्टरक्चर ( अग्रगामी संरचनाएं ) (कॉर्निया और लेंस) यू॰वी॰ किरणों को नेत्रगोलक (आईबॉल) की सबसे पीछे प्रकाश-संवेदनशील रेटिना तक पहुंचने से रोकने में बहुत प्रभावी हैं । वास्तव में, सूरज से एक प्रतिशत से कम यूवी सेनसिटिव रेटिना ( दृष्टिपटल ) तक पहुंचता है, भले ही आपने धूप का चश्मा (सनग्लासेस) नहीं पहना हो ।

(याद रखें, धूप के चश्मेँ जो 100% यू॰वी॰ अवरोधी हो , शरीर के अन्य हिस्सों को नुकसान से बचाने के लिए यानि शत-प्रतिशत पहनना अति आवश्यक हैं अन्यथा आँखों को नुकसान पहुंचाते हुए मोतियाबिंद और कैंसर भी हो सकता है । )

और दूसरी ओर, लगभग सभी दृश्यमान नीली रोशनी (ब्लू लाइट) कॉर्निया और लेंस से गुजरती है और रेटिना तक पहुंचती है ।

4. ब्लू लाइट के संपर्क में मैक्यूलर डिजनरेशन का खतरा बढ़ सकता है ।

तथ्य यह है कि नीली रोशनी (ब्लू लाइट) रेटिना (दृष्टिपटल) मेँ हर तरह से प्रवेश करती है (आंख के पीछे की आंतरिक परत) महत्वपूर्ण है, क्योंकि अध्ययनों से पता चला है कि नीली रोशनी (ब्लू लाइट) के बहुत अधिक संपर्क से रेटिना की प्रकाश संवेदी कोशिकाओं (LIGHT सेनसिटिव सेलस) को नुकसान पहुंच सकता है ।

यह उन परिवर्तनों के कारण बनता है जो मैक्यूलर डिजनरेशन (चकत्तेदार अध: पतन) से मिलते- जुलते हैं, जिससे स्थायी दृष्टि हानि (विजन लॉस) हो सकता है ।

हालांकि रेटिना (दृष्टिपटल) के लिए "प्राकृतिक रूप से बहुत अधिक नीली रोशनी (ब्लू लाइट)" कितनी प्राकृतिक और मैन मेड (मानव निर्मित) है, यह निर्धारित करने के लिए अभी अधिक शोध की आवश्यकता है । कई आई केयर प्रोवाइडर (दृष्टि देखभाल करने वाले प्रदाता )इस बात से अधिक चिंतित हैं कि कंप्यूटर स्क्रीन, स्मार्टफोन और अन्य डिजिटल डिवाइसेस (उपकरणों) से जोड़ा गया नीले रोशनी के एक्सपोजर को भविष्य  के जीवन में मैक्यूलर डिजनरेशन के खतरे को बढ़ा सकता है ।

5. नीली रोशनी (ब्लू लाइट) डिजिटल आई स्ट्रेन में योगदान देती है ।

क्योंकि शॉर्ट वेव लेंग्थ (लघु-तरंग दैर्ध्य) उच्च ऊर्जा नीले प्रकाश अन्य दृश्यमान प्रकाश की तुलना में अधिक आसानी से बिखेरते हैं, यह उतना आसानी से केंद्रित नहीं होता है । जब आप कंप्यूटर स्क्रीन और अन्य डिजिटल डिवाइसेस ( उपकरणों ) को देख रहे हैं, जो महत्वपूर्ण मात्रा में नीली रोशनी (ब्लू लाइट) का उत्सर्जन करते हैं, तो यह विकेन्द्रित  दृश्य कंट्रास्ट को कम कर देता है और डिजिटल आई स्ट्रेन में योगदान कर सकता है ।

अनुसंधान से पता चला है कि वे लेंस जो 450 एन॰एम॰ ब्लू-वायलेट लाइट से कम वेव लेंग्थ ( तरंग दैर्ध्य ) के साथ नीले प्रकाश को ब्लॉक करते हैं, कंट्रास्ट को काफी हद तक बढ़ देते हैं । इसलिए, पीले-रंग वाले लेंस वाले कंप्यूटर ग्लासेस  जब आप डिजिटल डिवाइसेस को समय की विस्तारित अवधि के लिए देख रहे होते हों, तब लेंस आपके आरामदायक रूप में बढ़ा सकते हैं ।

6. मोतियाबिंद (cataract) शल्य-चिकित्सा (सर्जरी) के बाद नीली रोशनी (ब्लू लाइट) से सुरक्षा और भी महत्वपूर्ण हो सकती है ।

यदि आपके नेत्र मेँ मोतियाबिंद (सफेद मोतियाबिंद) है और मोतियाबिंद की सर्जरी (शल्य-चिकित्सा) होने वाली है, तो अपने नेत्र चिकित्सक से पूछें कि आपके बादल वाले प्राकृतिक लेंस को बदलने के लिए किस प्रकार के इंट्रा ओक्यूलर लेंस (आंतरिक नेत्र लेंस IOL) का प्रयोग किया जाएगा, और वह IOL कितना नीला प्रकाश से कितना प्रोटेक्षण (संरक्षण) प्रदान कर सकता है।

खासकर यदि जब आप कंप्यूटर स्क्रीन के सामने लंबे समय तक या अन्य डिजिटल डिवाइसेस का उपयोग कर रहे हैं तो मोतियाबिंद की सर्जरी (शल्य-चिकित्सा) के बाद आप ऐसे नेत्र चश्मों से लाभान्वित हो सकते हैं जिनमें एक विशेष नीली रोशनी (ब्लू लाइट) फ़िल्टर करने वाले लेंस होते हैं ।  

7. सभी नीली रोशनी (ब्लू लाइट) हानिकारक नहीं होती हैं ।

क्या आपके लिए सभी नीली रोशनी (ब्लू लाइट) हानिकारक हैं ?                     

नहीं, यह अच्छी तरह से डोकुमेंटेड (प्रलेखित) है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए कुछ नीली रोशनी (ब्लू लाइट) का एक्सपोज़र आवश्यक है । अनुसंधान से पता चला है कि हाइ एनर्जि विजिबल लाइट (उच्च-ऊर्जा दृश्यमान प्रकाश) सतर्कता बढ़ाता है, मेमोरी और कोग्निटिव (स्मृति और संज्ञानात्मक) कार्य में मदद करता है और मनोदशा को बढ़ाता है ।

वास्तव में, प्रकाश चिकित्सा का उपयोग सीज़्नल अफ़्फ़ेक्क्टिव डिसऑर्डर (मौसमी भावात्मक विकार) के इलाज के लिए किया जाता है जो एक प्रकार का डिप्रेशन है जो कि ऋतुओं में परिवर्तन से संबंधित है । इसके लक्षण आमतौर पर शरद ऋतु में शुरू होते हैं और सर्दियों के माध्यम से जारी रहते हैं । इस थेरेपी के लिए प्रकाश स्रोत चमकीले सफेद प्रकाश का उत्सर्जन करते हैं जिसमें एक महत्वपूर्ण मात्रा में उच्च ऊर्जा दृश्यमान प्रकाश ( HEV LIGHT ) नीली प्रकाश किरणें होती हैं।

इसके अलावा, सर्कैडियन रईथ्म को विनियमित रखने में नीली रोशनी (ब्लू लाइट) बहुत महत्वपूर्ण है - शरीर की प्राकृतिक जागृति और नींद चक्र । दिन के समय में नीली रोशनी (ब्लू लाइट) के संपर्क में आने से एक स्वस्थ सर्कैडियन लय बनाए रखने में मदद मिलती है । लेकिन बहुत देर रात को नीली रोशनी (ब्लू लाइट) (जैसे कि टैबलेट कंप्यूटर या सोते समय ई-रीडर पर एक उपन्यास पढ़ना) इस चक्र को बाधित कर सकता है, जिससे संभवतः रातों की नींद और दिन की थकान हो सकती है ।

ब्लू लाइट फिल्टर और प्रोटेक्टिव (सुरक्षात्मक) आईवियर

यदि आप अपने फोन का उपयोग विशेष रूप से टेक्सटिंग, ईमेलिंग और वेब ब्राउजिंग के लिए लगातार कर रहे हैं, तो अपने नीले प्रकाश के जोखिम को कम करने का एक सुविधाजनक तरीका है एक ब्लू लाइट फिल्टर का उपयोग करना

डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नीली रोशनी (ब्लू लाइट) का उत्सर्जन करते हैं जो आंखों में खिंचाव पैदा कर सकते हैं और समय के साथ आंखों की समस्या पैदा कर सकते हैं।

ये फिल्टर स्मार्टफोन, टैबलेट, और कंप्यूटर स्क्रीन के लिए उपलब्ध हैं और इन उपकरणों से निकलने वाली नीली रोशनी (ब्लू लाइट) को एवं दृश्यता की प्रदर्शन को प्रभावित किए बिना आपकी आंखों तक पहुंचने से रोकते हैं, । कुछ पतले टेम्पर्ड ग्लास से बनाए जाते हैं जो आपके डिवाइसेस की स्क्रीन को खरोंच से भी बचाते हैं ।

जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, कंप्यूटर का चश्मा,  कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों से नीली रोशनी (ब्लू लाइट) के जोखिम को कम करने में भी सहायक हो सकता है ।

इसके अलावा, कई लेंस निर्माताओं ने विशेष चकाचौंध-कम करने वाले एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग्स पेश किए हैं जो प्राकृतिक सूर्य के प्रकाश और डिजिटल उपकरणों दोनों से नीली रोशनी (ब्लू लाइट) को रोकते हैं।

अपने नेत्र चिकित्सक या ऑप्टिशियन (नेत्र प्रकाशविज्ञान विशेषज्ञ) से सलाह ले कि किस प्रकार का दृष्टि सुधार और लेंस, आपके कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों को देखने और आपकी आंखों को नीली रोशनी (ब्लू लाइट) से बचाने के लिए आपकी आवश्यकताओं के अनुरूप है ।

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