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आँखों की संपूर्ण जाँचें: क्या उम्मीद रखें

एक आँख परीक्षा के दौरान रोगी

ऑप्टिशियन आपकी आंखों की जांच करने के लिए कई प्रकार की जांचों और प्रक्रियाओं का उपयोग करते हैं। ये जांचे सरल से लेकर, जैसा कि आपके द्वारा आई चार्टको पढ़ने से लेकर जटिल जांचों तक होती हैं, जैसे आपकी आंखों के अंदर की छोटी संरचनाओं को देखने के लिए एक हाई पॉवर वाले लेंस का उपयोग करना।

आँख की संपूर्ण जांच में आधा घंटा या अधिक समय लग सकता है, जो ऑप्टिशियन और आपकी दृष्टि और आपकी आंखों के स्वास्थ्य का पूरी तरह से मूल्यांकन करने के लिए आवश्यक जांचों की संख्या और जटिलता पर निर्भर करता है।

यहां वे आँख और दृष्टि जांचें दी गई हैं जिनके आपकी आँख की संपूर्ण जांच के दौरान किए जाने की संभावना है:

दृश्य तीक्ष्णता जांच

आँख की संपूर्ण जांच में की जाने वाली शुरुआती जांचों में नज़र संबंधी तीक्ष्णता जांच होती है जिसमें आपकी दृष्टि के तीखेपन को मापते हैं।

ये आमतौर पर आपकी दूर दृष्टि की तीक्ष्णता को मापने के लिए प्रोजेक्टेड आई चार्ट और आपकी निकट दृष्टि को मापने के लिए छोटे, हाथ से पकड़े गए तीक्ष्णता चार्ट का उपयोग करके की जाती हैं।

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कलर ब्लाइंडनेस जांच

स्क्रीनिंग जांच जिसमें आपकी रंग संबंधी दृष्टि की जांच की जाती है, अक्सर कलर ब्लाइंडनेस की आशंका को दूर करने के लिए आँखों की संपूर्ण जांच में पहले की जाती है।

वंशानुगत रंग संबंधी दृष्टि की कमियों का पता लगाने के अलावा, कलर ब्लाइंड जांच आपके ऑप्टिशियन को आंख की उन संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में भी सचेत कर सकती है, जो आपकी रंग संबंधी दृष्टि को प्रभावित कर सकती हैं।

कवर जांच

जबकि आपके ऑप्टिशियन के लिए यह जांचने के कई तरीके हैं कि आपकी आँखें एक साथ मिल कर कैसे काम करती हैं, कवर जांच सबसे सरल और सबसे आम है।

कवर जांच के दौरान, आपका ऑप्टिशियन आपको कमरे में किसी छोटी सी वस्तु पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहेगा और फिर लक्ष्य पर घूरते समय आपकी प्रत्येक आंख को बारी-बारी से कवर करेगा (ढंकेगा)। इस जांच को तब आपके साथ फिर दोहराया जाता है जब आप निकट की वस्तु को देख रहे होते हैं।

इन जांचों के दौरान, आपका ऑप्टिशियन यह आकलन करेगा कि क्या बिना ढंकी आंख को निर्धारित लक्ष्य को पहचानने के आगे चलना पड़ता है या नहीं, जो भैंगेपन या अन्य समस्या को इंगित कर सकता है जो आंखों के तनाव या एमब्लायोपिया ("सुस्त आंख") का कारण बन सकती है।

ऑक्युलर मोटिलिटी जांच (आँखों की गतिविधियां)

यह निर्धारित करने के लिए कि आपकी आंखें किसी चलती हुई वस्तु का कितनी अच्छी तरह से अनुसरण कर सकती हैं और/या अलग-अलग लक्ष्यों के बीच कितनी तेजी और सटीकता से पैठ पाती है, ऑक्युलर मोटिलिटी जांच की जाती है।

आँख के आसानी से चलने ("पीछा करना") की जांच अधिक आम है। आपका ऑप्टिशियन आपको अपना सिर स्थिर रखने को कहेगा और आपको हाथ से पकड़े प्रकाश या किसी अन्य लक्ष्य की धीमी गतिविधि को केवल आपकी आंखों से अनुसरण करने के लिए कहेगा।

यदि त्वरित नेत्र गतिविधियों ("सैकेड्स") की जांच भी की जाती है, तो आपका ऑप्टिशियन आपकी आंखों को आगे और पीछे दो लक्ष्यों के बीच ले जा सकता है, जो एक-दूसरे से कुछ दूरी पर स्थित होते हैं।

आंखों की गतिविधि से संबंधित समस्याओं से आंखों में तनाव हो सकता है और पढ़ने की क्षमता, खेल संबंधी दृष्टि और अन्य कौशल प्रभावित हो सकते हैं।

स्टीरियोप्सिस जांच (गहराई का बोध)

स्टीरियोप्सिस शब्द का उपयोग आंखों के तालमेल का वर्णन करने के लिए किया जाता है जो सामान्य गहराई के बोध और वस्तुओं की 3-आयामी प्रकृति की विवेचना करने में सक्षम बनाता है।

आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली स्टीरियोप्सिस जांच में, आप "3डी" चश्मों की एक जोड़ी पहनते हैं और जांच पैटर्न की एक पुस्तिका देखते हैं। प्रत्येक पैटर्न में चार छोटे गोले होते हैं, और आपका कार्य यह इंगित करना है कि प्रत्येक पैटर्न में कौन सा गोला अन्य तीन गोलों की तुलना में आपके ज्यादा करीब है।

यदि आप प्रत्येक पैटर्न में "ज्यादा करीब" गोले की सही तरीके से पहचान कर सकते हैं, तो आपका आंखों का तालमेल संभवतः उत्कृष्ट है जो आपको सामान्य गहराई की अनुभूति का बोध करने में सक्षम बनाता है।

रेटिनोस्कोपी

आपका ऑप्टिशियन आपकी आंखों की जांच में इस जांच को पहले कर सकता है ताकि आपके चश्मे के प्रिस्क्रिप्शन के लगभग करीब पहुंच सके.

रेटिनोस्कोपी में, कमरे की रोशनी मंद हो जाएगी और आपको एक बड़े लक्ष्य (आमतौर पर आंख के चार्ट पर बड़ा "E") पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा जाएगा। जैसे ही आप "E" पर घूरते हैं, आपका ऑप्टिशियन आपकी आँख में प्रकाश और आपकी आँखों के सामने एक मशीन में फ्लिप लेंस को चमकाएगा। इस जांच से अनुमान लगता है कि कौन सी लेंस पॉवर आपकी दूर दृष्टि को ठीक करेगी।

जिस तरह से प्रकाश आपकी आँख से परावर्तित होता है, उसके आधार पर आपका ऑप्टिशियन आपकी दृष्टि को सही करने के लिए आवश्यक चश्मे की पॉवर का अनुमान लगाने में सक्षम होता है।

यह जांच उन बच्चों और रोगियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो ऑप्टिशियन के प्रश्नों का सही उत्तर देने में असमर्थ हैं।

रिफ्रैक्शन (अपवर्तन)

यह वह जांच है जिसका उपयोग आपका ऑप्टिशियन आपके चश्मे के सटीक प्रिस्क्रिप्शन को निर्धारित करने के लिए करता है।

एक रिफ्रैक्शन (अपवर्तन) के दौरान, ऑप्टिशियन आपकी आँखों के सामने एक फ़ोरोप्टर नामक उपकरण रखता है और आपको लेंस विकल्पों की एक श्रृंखला दिखाता है। तब वह आपसे पूछेगा कि दो लेसों में से किस लेंस से अधिक स्पष्ट दिखता है।

आपके जवाबों के आधार पर, आपका ऑप्टिशियन लेंस की पॉवर को तब तक ठीक करता रहेगा, जब तक कि एक अंतिम चश्मे के प्रिस्क्रिप्शन तक नहीं पहुंच जाता।

रेफ्रेक्शन आपके हाइपरोपिया (दूरदृष्टि-दोष), मायोपिया (निकट दृष्टि-दोष), एस्टिग्मेटिज़्म और प्रेसबायोपिया (जरा दूरदृष्टि) के स्तर को निर्धारित करता है.

ऑटोरेफ्रेक्टर और एबेरोमीटर

आपका ऑप्टिशियन एक ऑटोरेफ्रेक्टर या एबेरोमीटर भी इस्तेमाल कर सकता है ताकि स्वचालित रूप से आपके चश्मे के प्रिस्क्रिप्शन का अनुमान लगा सके। दोनों उपकरणों के साथ, ठोड़ी टिकाने की जगह आपके सिर को स्थिर करती है जब आप उपकरण को प्रकाश के एक बिन्दु या एक विस्तृत छवि में देखते हैं।

एक ऑटोरेफ्रेक्टर, एक मैनुअल रेफ्रेक्टर की तरह ही, आपके रेटिना पर प्रकाश को सटीक रूप से केंद्रित करने के लिए आवश्यक लेंस पॉवर को तय करता है। ऑटोरेफ्रेक्टर विशेष रूप से छोटे बच्चों और अन्य रोगियों, जिन्हें स्थिर बैठने में, ध्यान देने और सुझाव देने में परेशानी होती है, के लिए चश्मे का प्रिस्क्रिप्शन तय करने में सहायक होते हैं, जिसकी ऑप्टिशियन को एक सटीक मैनुअल रेफ्रेक्शन करने के लिए आवश्यकता होती है।

अध्ययनों से पता चला है कि आधुनिक ऑटोरेफ्रेक्टर बहुत सटीक हैं। वे समय भी बचाते हैं। ऑटोरेफ्रेक्शन में केवल कुछ सेकंड लगते हैं, और परिणाम आपके ऑप्टिशियन के लिए मैनुअल रेफ्रेक्शन करने और आपके चश्मे का प्रिस्क्रिप्शन तय करने के लिए आवश्यक समय को बहुत कम कर देते हैं।

आपकी आंख के माध्यम से जिस तरह से प्रकाश यात्रा करता है, एबेरोमीटर उसके आधार पर अस्पष्ट दृष्टि त्रुटियों का भी पता लगाने के लिए उन्नत वेवफ्रंट तकनीक का उपयोग करता है।

एबेरोमीटर में मुख्य रूप से कस्टम या वेवफ्रंट लेसिक दृष्टि सुधार प्रक्रियाओं का उपयोग किया जाता है, लेकिन कई ऑप्टिशियंस अब इस उन्नत तकनीक को अपनी नियमित आंख जांच में भी शामिल कर रहे हैं।

स्लिट लैंप जांच

स्लिट लैंप एक बाइनाक्युलर माइक्रोस्कोप (या "बायोमाइक्रोस्कोप") होता है जिसे आपका ऑप्टिशियन उच्च आवर्धन के तहत आपकी आंख की संरचनाओं की जांच करने के लिए उपयोग करता है। यह कुछ हद तक विज्ञान प्रयोगशाला में उपयोग किए जाने वाले माइक्रोस्कोप के एक बड़े, सीधे खड़े संस्करण जैसा दिखता है।

स्लिट लैम्प जांच के दौरान, आपको अपने माथे और ठोड़ी को सुरक्षित रूप से यंत्र के सामने की तरफ टिकाने के लिए कहा जाएगा और आपका ऑप्टिशियन आपकी आँखों के सामने की संरचनाओं की जाँच के साथ शुरू करेगा - जिसमें आपकी पलकें, कॉर्निया, कंजंक्टाइवा, आईरिस, और लेंस शामिल हैं।.

हाथ से पकड़े गए लेंस की मदद से, आपका ऑप्टिशियन स्लिट लैंप का उपयोग आंख में पीछे स्थित संरचनाओं की जांच करने के लिए भी कर सकता है, जैसे कि रेटिना और ऑप्टिक तंत्रिका।

आंख की स्थिति और रोगों की एक विस्तृत श्रृंखला का पता स्लिट लैंप जांच से लगाया जा सकता है, जिसमें मोतियाबिंद, मैक्युलर डिजनरेशन, कॉर्नियल अल्सर और डायबेटिक रेटिनोपैथीआदि शामिल हैं।

"ग्लूकोमा जांच"

कोई भी ग्लूकोमा जांच आमतौर पर आपकी आंखों के अंदर दबाव को मापने के साथ शुरू होती है।

एक सामान्य ग्लूकोमा जांच "पफ-ऑफ-एयर" जांच होती है, जिसे तकनीकी रूप से गैर-संपर्क टोनोमेट्री या एनसीटी के रूप में जाना जाता है।

एनसीटी के लिए, जांच की शुरुआत आपके द्वारा मशीन की ठोड़ी टिकाने की जगह पर अपनी ठोड़ी लगाने से होती है। जब आप मशीन के अंदर एक प्रकाश को देखते हैं, तो ऑप्टिशियन या एक प्रशिक्षित सहायक आपकी खुली आंख में हवा का एक छोटा सा झोंका मारेगा। यह पूरी तरह से दर्द रहित होता है, और टोनोमीटर आपकी आंख को नहीं छूता है।

हवा के झोंके के लिए आपकी आंख के प्रतिरोध के आधार पर, मशीन आपके इंट्राऑक्युलर दबाव (आईओपी) की गणना करती है। यदि आपको उच्च रक्त चाप है, तो आपको ग्लूकोमा होने का खतरा हो सकता है।

एक अन्य प्रकार की ग्लूकोमा जांच एक उपकरण के साथ की जाती है, जिसे एप्लानेशन टोनोमीटर कहा जाता है। इस उपकरण के कई संस्करणों में से सबसे आम को स्लिट लैंप पर लगाया जाता है।

इस जांच के लिए, आपका ऑप्टिशियन आपकी आंख को सुन्न करने के लिए उसमें पीले रंग की आई ड्रॉप्स डालेगा। जब ड्रॉप्स काम करना शुरू कर देंगी तो आपकी आँखें थोड़ी भारी महसूस करेंगी। यह फैलाने वाला ड्रॉप नहीं है - यह एक सुन्न करने वाला एजेंट है जो एक पीले रंग की डाई के साथ संयुक्त होता है जो एक नीली रोशनी के नीचे चमकता है।

तब ऑप्टिशियन आपको सीधे स्लिट लैंप में आगे घूरने के लिए कहता है, जबकि वह आपकी आईओपी को मापने के लिए टोनोमीटर से आपकी आंख की सतह को धीरे से छूता है।

एनसीटी की तरह, एप्लानेशन टोनोमेट्री दर्द रहित होती है और केवल कुछ सेकंड लगते हैं। अधिक से अधिक, आप यह महसूस कर सकते हैं कि टोनोमीटर जांच आपकी पलकों को गुदगुदी कर रही है।

जब तक आपको पहले से ही महत्वपूर्ण दृष्टि हानि नहीं हो चुकी होती है तब तक आपको आमतौर पर ग्लूकोमा के कोई चेतावनी संकेत नहीं होते हैं। इस कारण से, नियमित आंखों की परीक्षा जिसमें टोनोमेट्री शामिल है, ग्लूकोमा के शुरुआती संकेतों की आशंका को दूर करने और आपकी दृष्टि की रक्षा के लिए आवश्यक है।

पुतली फैलाना

आंख की आंतरिक संरचनाओं का एक बेहतर दृश्य प्राप्त करने के लिए, आपका ऑप्टिशियन आपकी पुतलियों को फैलाने के लिए फैलाने वाली ड्रॉप्स टपकाता है। फैलाने वाली ड्रॉप्स को आमतौर पर काम शुरू करने में लगभग 20 से 30 मिनट लगते हैं।

जब आपकी पुतलियां फैल जाती हैं, तो आप प्रकाश के प्रति संवेदनशील हो जाएंगे (क्योंकि आपकी आँख में अधिक प्रकाश जा रहा होता है) और आप करीब की वस्तुओं पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई महसूस कर सकते हैं। ये प्रभाव उपयोग की गई ड्रॉप की ताकत के आधार पर कई घंटों तक रह सकते हैं।

एक बार जब ड्रॉप्स प्रभावी हो जाती हैं, तो आपका ऑप्टिशियन आपकी आँखों के अंदर देखने के लिए विभिन्न उपकरणों का उपयोग करेगा। आपको आपकी आंख की जांच पर धूप का चश्मा अपने साथ लाना चाहिए, ताकि घर जाने के रास्ते पर चमक और प्रकाश संवेदनशीलता को कम कर सकें। यदि आप धूप का चश्मा लाना भूल जाते हैं, तो कर्मचारी आमतौर पर आपको एक डिस्पोजेबल जोड़ी देंगे।

आँख के लिए जोखिम वाले कारकों वाले लोगों के लिए पुतलियों का फैलाया जाना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आपकी आंखों के अंदर के स्वास्थ्य का सबसे गहन मूल्यांकन करने देता है।

दृश्य क्षेत्र जांच

कुछ मामलों में, आपका ऑप्टिशियन एक दृश्य क्षेत्र की जांच करके आपके परिधीय या "पहलू" की दृष्टि में ब्लाइंड स्पॉट्स (स्कॉटोमस) की संभावित उपस्थिति की जांच करना चाह सकता है। इस प्रकार के ब्लाइंड स्पॉट्स आंख की बीमारियों जैसे ग्लूकोमा से उत्पन्न हो सकते हैं।

ब्लाइंड स्पॉट्स का विश्लेषण स्ट्रोक या ट्यूमर के कारण मस्तिष्क क्षति के विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान करने में भी मदद कर सकता है।

अन्य नेत्र जांचें

कुछ मामलों में, आँखों की संपूर्ण जांच के दौरान की गई इन सामान्य जांचों के अलावा, आपका ऑप्टिशियन अन्य, अधिक विशिष्ट नेत्र जांचों की सिफारिश कर सकता है। अक्सर, ऐसी जांचें अन्य आई केयर पेशेवरों जैसे कि रेफरल विशेषज्ञों द्वारा रेफरल आधार पर की जाती हैं।

कॉन्टैक्ट लेंस की फिटिंग के बारे में

यह समझना महत्वपूर्ण है कि एक आँख की संपूर्ण जांच में आमतौर पर एक कॉन्टैक्ट लेंस की फिटिंग शामिल नहीं होती है, और इसलिए आपको एक नियमित आँख की जांच के अंत में एक कॉन्टैक्ट लेंस का प्रिस्क्रिप्शन नहीं दिया जाएगा।

इसमें एक संभावित अपवाद है: यदि आप वर्तमान में कॉन्टैक्ट्स पहनते हैं और लेंस उसी ऑप्टिशियन द्वारा फिट किए गए थे जो आपकी आँखों की संपूर्ण जांच कर रहा है, तो वह आपकी आंख की जांच के अंत में आपको अपडेटेड कांटेक्ट लेंस प्रिस्क्रिप्शन जारी कर सकता है।

एक कॉन्टैक्ट लेंस जांच जिसमें वे फिटिंग सेवाएँ शामिल हैं जो आमतौर पर बाद की अभ्यास मुलाकात के दौरान की जाती हैं, जब आपकी पुतलियों को फैलाया नहीं जाता है। आपकी कॉन्टैक्ट लेंस जांच संभवतः उसी ऑप्टिशियन द्वारा की जा सकती है जिसने आपकी आँखों की संपूर्ण जांच की थी, या इसे किसी भिन्न आई केयर पेशेवर (ईसीपी) द्वारा किया जा सकता है।

आमतौर पर, आपकी आंखों की जांच और आपके कॉन्टैक्ट लेंस की जांच उसी अभ्यास में करना बेहतर होता है।

कभी-कभी, यदि आप अलग-अलग स्थानों पर इन जांचों को कराते हैं, तो आपके कॉन्टैक्ट लेंस की फिटिंग करने वाले ईसीपी, आपकी आँखों की संपूर्ण जांच में पहले से की गई कुछ जांचों को दोहराना चाहेंगे। आंशिक रूप से, यह दायित्व कारणों से किया जाता है - आपके चश्मे के नुस्खे की सटीकता को सत्यापित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपकी आंखें कॉन्टैक्ट्स पहनने के लिए पर्याप्त स्वस्थ हैं।

प्रयास के इस दोहराव के कारण अक्सर अतिरिक्त लागतें देनी होंगी जो कि आपको तब नहीं देनी होंगी यदि आपकी आंख की जांच और कॉन्टैक्ट लेंस की जांच एक ही स्थान पर की गई थी।

[नोट: हालाँकि चश्मे के प्रिस्क्रिप्शन का उपयोग कॉन्टैक्ट लेंस खरीदने के लिए नहीं किया जा सकता है, तो भी आपके चश्मे के प्रिस्क्रिप्शन की पॉवर आपके कॉन्टैक्ट लेन्स की पॉवर का निर्धारण करने के लिए आपके ईसीपी को एक शुरुआती बिंदु प्रदान करती है।

यदि आपको आँखों की संपूर्ण जांच होने के बाद अपने कॉन्टैक्ट लेंस की जांच के लिए कहीं और जाने की आवश्यकता है या इच्छा है, तो यह पूछना सुनिश्चित करें कि क्या आपकी आँख की जांच के दौरान पहले से की गई जांच को दोहराने के लिए अतिरिक्त शुल्क की आवश्यकता होगी।

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