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बाईफ़ोकल और मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस: एक उपयोक्ता गाइड

संपर्क लेंस वाला व्यक्ति

बाईफ़ोकल और मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस को ऐसे लोगों को सभी दूरियों की स्पष्ट दृष्टि प्रदान करने के लिए बनाया जाता है जो रिफ्रैक्टिव एरर (अपवर्ती त्रुटियां) से ग्रस्त हैं और जो बढ़ती उम्र के साथ निकट दृष्टि में सामान्य गिरावट का भी अनुभव कर रहे हैं जिसे प्रेसबायोपिया (उम्र बढ़ने के कारण दूरदृष्टिता) कहते हैं।.

आपमें प्रेसबायोपिया — जो आमतौर पर 40 के बाद की उम्र में महसूस होता है — विकसित होने का मुख्य संकेत यह है कि आपको अपने फोन, पत्रिकाओं और अन्य पठन सामग्री को साफ़-साफ़ देखने के लिए उन्हें अपनी आंखों से पहले की तुलना में अधिक दूर पकड़ना पड़ता है।

बाईफ़ोकल और मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस सॉफ़्ट मटीरियल और ठोस गैस पारगम्य (GP) मटीरियल, दोनों प्रकारों में उपलब्ध हैं। ये लेंस हायब्रिड यानि मिश्रित कॉन्टैक्ट लेंस के रूप में भी उपलब्ध हैं। कुछ तो डिस्पोज़ेबल यानि एक बार उपयोग होने वाले प्रकार में भी आते हैं। इसका यह अर्थ है कि आपके पास लेंस को निर्धारित अंतराल पर (कुछ मामलों में तो प्रतिदिन) फेंक देने और उनके स्थान पर नए लेंस प्रयोग करने की सुविधा होती है।

कई लेंस निर्माता सिलिकॉन हाइड्रोजेल मटीरियल से बने मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस पेश करते हैं। इन लेंसों से पारंपरिक सॉफ़्ट लेंसों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक ऑक्सीजन कॉर्निया तक पहुंचती है, अतः ये लेंस लगाए रखने में आरामदेह होते हैं, और ये डेली वियर और देर तक पहने जाने वाले प्रकारों में उपलब्ध हैं।

अमेरिका में उपलब्ध मल्टीफ़ोकल सिलिकॉन हाइड्रोजेल कॉन्टैक्ट लेंस के कुछ ब्रांड इस प्रकार हैं: एयर ऑप्टिक्स एक्वा मल्टीफ़ोकल (Air Optix Aqua Multifocal) (एलकॉन (Alcon)); बॉश + लॉम्ब अल्ट्रा फ़ॉर प्रेसबायोपिया (Bausch + Lomb Ultra for Presbyopia) (बॉश + लॉम्ब (Bausch + Lomb)); बायोफ़िनिटी मल्टीफ़ोकल (Biofinity Multifocal) (कूपरविज़न (CooperVision)); और एक्यूव्यू ओएसिस फ़ॉर प्रेसबायोपिया (Acuvue Oasys for Presbyopia) (जॉनसन एंड जॉनसन विज़न केयर (Johnson & Johnson Vision Care))।

अन्य विकल्पों में डुएट प्रोग्रेसिव (Duette Progressive) (सिनर्जआइज़ (SynergEyes)) और डुएट मल्टीफ़ोकल (Duette Multifocal) (सिनर्जआइज़ (SynergEyes)) हायब्रिड कॉन्टैक्ट लेंस शामिल हैं, जिनमें बिल्कुल स्पष्ट प्रकाशिक गुणों के लिए GP लेंस मटीरियल से बना एक केंद्रीय प्रकाशिक ज़ोन होता है और आरामदेही के लिए सॉफ़्ट सिलिकॉन हाइड्रोजेल मटीरियल से बना एक परिधीय फ़िटिंग ज़ोन होता है।

बाईफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस, मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस: इनमें अंतर क्या है?

बाईफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंसों में एक ही लेंस में दो प्रेस्क्रिप्शन होते हैं। मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंसों में, हर लेंस में कई सारी पॉवर होती हैं (प्रोग्रेसिव चश्मा लेंसों केसमान)।

"मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस" शब्द का उपयोग एक से अधिक पॉवर वाले सभी कॉन्टैक्ट लेंस के लिए भी करते हैं, जिनमें बाईफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस भी शामिल हैं।

मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस कैसे कार्य करते हैं

विभिन्न बाईफ़ोकल और मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस अलग-अलग तरीकों से कार्य करते हैं, जो कि लेंस की डिज़ाइन पर निर्भर करता है। इनके डिज़ाइन दो बुनियादी समूहों में वर्गीकृत हैं:

  1. समकालिक दृष्टि (साइमल्टेनियस विज़न) डिज़ाइन। इन मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंसों में, लेंस में दूर की और पास की (और कभी-कभी बीच की) दृष्टि के लिए विशिष्ट क्षेत्र निर्धारित होते हैं। व्यक्ति कितनी दूरी पर स्थित वस्तु देख रहा है इस आधार पर, उसकी आंख लेंस के उस क्षेत्र/उन क्षेत्रों का उपयोग करती है जो सबसे स्पष्ट दृष्टि प्रदान करता है/करते हैं। समकालिक दृष्टि डिज़ाइन दो प्रकार की होती हैं: कॉन्सेन्ट्रिक (संकेंद्री) और एस्फेरिक (चित्र देखें)।

  2. खंडित (सेगमेंटेड) डिज़ाइन। इन ठोस, गैस पारगम्य मल्टीफ़ोकल लेंसों को काफ़ी हद तक बाईफ़ोकल और ट्राईफ़ोकल चश्मों की तरह ही डिज़ाइन किया जाता है: लेंस के केंद्रीय और ऊपरी भागों में दूर की वस्तुओं को देखने के लिए उपयुक्त पॉवर होती है, और लेंस के निचले भाग में पास की वस्तुओं को देखने के लिए अतिरिक्त आवर्धक (मैग्निफ़ाइंग) पॉवर होती है। खंडित डिज़ाइनों को कभी-कभी ऑल्टरनेटिंग (प्रत्यावर्ती) या ट्रांसलेटिंग (रूपांतरण) डिज़ाइन भी कहते हैं।

कॉन्सेन्ट्रिक (संकेंद्री) मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस

कॉन्सेन्ट्रिक मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंसों में आमतौर पर लेंस के केंद्रीय भाग में दूर की वस्तुओं को देखने की पॉवर होती है, जिसके चारों ओर आपके बाईफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस प्रेस्क्रिप्शन की पास व दूर की पॉवर्स के संकेंद्री छल्ले होते हैं।.

आमतौर पर, कम-से-कम दो संकेंद्री पॉवर छल्ले सामान्य प्रकाश की स्थिति में आपकी पुतली वाले स्थान के अंदर होते हैं, पर प्रकाश की स्थितियों में परिवर्तन आने के कारण जैसे-जैसे आपकी पुतली फैलती या सिकुड़ती है वैसे-वैसे यह संख्या बढ़ती-घटती रहती है।

कॉन्सेन्ट्रिक बाईफ़ोकल लेंसों को नर्म या ठोस गैस पारगम्य (GP) कॉन्टैक्ट लेंस मटीरियल से बनाया जा सकता है।

संकेंद्री डिज़ाइन में पॉवर्स के स्थान अलग-अलग हो सकते हैं:

  • GP बाईफ़ोकल लेंसों में आमतौर पर दूर वाली पॉवर केंद्र में होती है (इसे सेंटर-डिस्टेंस या केंद्र-दूर कहते हैं)।

  • नर्म बाईफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंसों में कभी-कभी पास की पॉवर केंद्र में होती है (जिसे सेंटर-नियर या केंद्र-पास कहते हैं)।

  • कुछ कॉन्सेन्ट्रिक बाईफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंसों में आपकी प्रधान आंख वाले लेंस में सेंटर डिस्टेंस डिज़ाइन (D) होती है और आपकी अप्रधान आंख वाले लेंस में सेंटर-नियर डिज़ाइन (N) होती है।

एस्फेरिक मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस

एस्फेरिक मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंसों की डिज़ाइन काफ़ी हद तक प्रोग्रेसिव चश्मा लेंसों जैसी होती है — दूर से पास की पॉवर में क्रमिक बदलाव होता है और लेंस में दिखने वाली कोई भी रेखा नहीं होती है।

हालांकि, चश्मे के विपरीत, एस्फेरिक मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस समकालिक दृष्टि लेंस होते हैं, अतः आपकी दृष्टि प्रणाली को वस्तु की दूरी के अनुसार सही लेंस पॉवर का उपयोग करना सीखना होता है।

प्रेसबायोपिया के रोगियों को कॉन्टैक्ट लेंस पहनने के मामले में अधिकतम सुविधा प्रदान करने के लिए बहुत से एस्फेरिक मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस अब डेली डिस्पोज़ेबल यानि एक दिन उपयोग के बाद फेंक दिए जाने वाले लेंसों के रूप में उपलब्ध हैं। ब्रांड उदाहरणों में डेलीज़ टोटल 1 मल्टीफ़ोकल (Dailies Total 1 Multifocal) (एलकॉन (Alcon)) और प्रोक्लिअर 1 डे मल्टीफ़ोकल (Proclear 1 Day Multifocal) (कूपरविज़न (CooperVision)) शामिल हैं।

खंडित बाईफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस

खंडित बाईफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस काफ़ी हद तक बाईफ़ोकल चश्मा लेंसों की तरह ही कार्य करते हैं। इन ठोस, गैस पारगम्य (GP) कॉन्टैक्ट लेंसों में दो पॉवर खंड होते हैं, ऊपर की ओर दूर की दृष्टि को ठीक करने वाला खंड और नीचे की ओर पास की दृष्टि को ठीक करने वाला खंड, और दोनों खंडों के बीच उन्हें अलग करने वाली एक स्पष्ट रेखा होती है। आप दूर देख रहे हैं या पास, इसके आधार पर आपकी आंखें दोनों में से किसी एक खंड से देखती हैं।

बाईफ़ोकल चश्मों के मामले में यह तरीका सफल है क्योंकि आपकी आंखों के इधर-उधर गति करने पर भी लेंस अपने स्थान पर बने रहते हैं। नर्म मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंसों (जो आपकी आंखों के साथ-साथ गति करते हैं) के विपरीत, खंडित GP बाईफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंसों को इस प्रकार बनाया जा सकता है कि लेंस के पीछे आपकी आंखें इधर-उधर चलती रहने पर भी लेंस एक निश्चित स्थान पर बने रहें।

खंडित GP लेंस, नर्म कॉन्टैक्ट लेंसों की तुलना में कम व्यास वाले होते हैं और वे आपकी निचली पलक के किनारे के ऊपर आंसुओं की एक परत पर टिके रहते हैं। इसलिए, जब आप अपनी नज़र नीचे की ओर ले जाते हैं, तो लेंस अपने स्थान पर बने रहते हैं, और आप लेंस के निचले भाग, जो पास की दृष्टि को ठीक करता है, से होकर देख पाते हैं (दायां चित्र देखें)।

कस्टम GP लेंस खंडित ट्राईफ़ोकल डिज़ाइन में भी बनाए जा सकते हैं, जिनमें ट्राईफ़ोकल चश्मा लेंसों की भांति बीच की दृष्टि के लिए एक छोटा सा, रिबन जैसा खंड होता है।

क्या बाईफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस मेरे लिए सही रहेंगे?

बाईफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस कई वर्षों से उपलब्ध हैं, पर उन्हें हाल ही में लोकप्रियता हासिल हुई है।

पुरानी बाईफ़ोकल डिज़ाइनें अधिक लोगों को पसंद नहीं आईं, जिससे उन्हें पहनने वालों और उन्हें प्रेस्क्राइब करने वालों, दोनों ही में उनके प्रति निराशा घर कर गई।

पर आज नई टेक्नॉलजी ने कहीं अधिक सफल डिज़ाइन बनाए हैं, और डिज़ाइनों की किस्में भी पहले से कहीं अधिक संख्या में बनाई हैं। इसलिए, यदि एक डिज़ाइन आपके लिए कार्य न कर पाए, तो कोई दूसरी कर देगी।

आपके ऑप्टिशियन इन संबंधित तकनीकों को भी आजमा सकते हैं:

  • मोनोविज़न (एकदृष्टि) में आपकी एक आंख के लिए आपकी पास की दृष्टि वाले प्रेस्क्रिप्शन का, और दूसरी आंख के लिए आपकी दूर की दृष्टि वाले प्रेसक्रिप्शन का सिंगल-विज़न लेंस प्रयोग किया जाता है।

  • संशोधित मोनोविज़न में एक आंख पर सिंगल-विज़न लेंस का और दूसरी आंख पर मल्टीफ़ोकल लेंस का उपयोग किया जाता है।

यदि मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस या मोनोविज़न आपको सभी दूरियों पर पर्याप्त दृष्टि प्रदान न कर पाए, तो इसका एक विकल्प यह है कि आप आवश्यकता पड़ने पर, अपने कॉन्टैक्ट लेंसों के ऊपर प्रोग्रेसिव लेंस वाला चश्मा पहनें। कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग करने वाले बहुत से लोग पढ़ने का चश्मा लगाने की बजाय प्रोग्रेसिव लेंस वाला चश्मा पहनना पसंद करते हैं क्योंकि:

  1. रेखाओं से मुक्त प्रोग्रेसिव लेंसों वाले पूरे आकार के चश्मे, दुकानों में मिलने वाले "पढ़ने के चश्मों" की तुलना में कहीं अधिक युवा दिखते हैं।

  2. हल्की-फुल्की बची-खुची दृष्टि विषमता (एस्टिग्मेटिज़्म) या अन्य रिफ्रैक्टिव (अपवर्ती) त्रुटियां, जो आपके कॉन्टैक्ट लेंस पूरी तरह ठीक नहीं कर पाते हैं, उन्हें प्रोग्रेसिव लेंस ठीक कर सकते हैं। इस कारण से, प्रोग्रेसिव लेंसों वाले चश्मे से आपको कुछ ख़ास गतिविधियों, जैसे रात में ड्राइविंग करने, के लिए अधिक स्पष्ट दृष्टि मिल सकती है।

  3. प्रोग्रेसिव लेंसों से आपको सभी दूरियों पर साफ़ देखने की सुविधा मिलती है जबकि पढ़ने के चश्मे को आपको ज़रूरत के अनुसार बार-बार उतारना और पहनना पड़ता है।

मेरे लिए कौनसा बाईफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस सही है?

आपके ऑप्टिशियन बाईफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस का चयन करते समय दो बातों पर विचार करते हैं, आपकी पुतली का आकार और आपका "अतिरिक्त (एडीशनल)" या पास का प्रेस्क्रिप्शन।

लेंस का प्रकार चुनने का कोई सख़्त नियम नहीं है। पर सामान्यतः, हल्के से मध्यम तीव्रता के प्रेसबायोपिया के मामले में एस्फेरिक मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस सबसे अच्छे रहते हैं, और उन्नत प्रेसबायोपिया के लिए कॉन्सेन्ट्रिक (संकेंद्री) या सेगमेंटेड (खंडित) मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस अधिक सफल रहते हैं।

संभव है कि आपको विभिन्न बाईफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस डिज़ाइनें आजमाने के बाद अपने लिए सही डिज़ाइन मिले। कई ऑप्टिशियन इस प्रक्रिया में आपकी मदद के लिए निःशुल्क ट्रायल लेंस प्रदान करते हैं।

ध्यान रखें कि हालांकि ट्रायल लेंस निःशुल्क हो सकते हैं, पर आपके ऑप्टिशियन मल्टीफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस फ़िट करने की प्रक्रिया के लिए आपसे तब भी शुल्क लेंगे ही; क्योंकि इस प्रक्रिया में साधारण कॉन्टैक्ट लेंस फ़िट करने की तुलना में कहीं अधिक समय लगता है (और इसलिए यह अधिक महंगी होती है)।

बाईफ़ोकल कॉन्टैक्ट लेंस आपकी ज़रूरतों के लिए सही हैं या नहीं यह जानने के लिए और अपने लिए सर्वोत्तम लेंस की पहचान करने के लिए अपने ऑप्टिशियन से मिलें।

नैन्सी डेल पिज़्ज़ो (Nancy Del Pizzo) ने भी इस लेख में योगदान दिया है।

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