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पलकों की सूजन: कारण और उपचार

सूजी हुई पलक वाली महिला

पलकों की सूजन के कारण आँखें सूजी-सूजी सी दिखने लगती हैं। पलकों की सूजन के कारणों में तरल पदार्थों का इकट्ठा होना, एलर्जियाँ, आँखों में संक्रमण, और आँखों की चोटें शामिल हैं।

पलकों की सूजन किसी गंभीर, और संभावित रूप से दृष्टि को ख़तरे में डालने वाली समस्या का भी संकेत हो सकती है, जैसे ऑर्बिटल सेल्युलाइटिस, ग्रेव्स रोग और ऑक्युलर हर्पीज़।.

पलकों की सूजन से दर्द हो भी सकता है और नहीं भी, और इससे एक या दोनों आँखें प्रभावित हो सकती हैं।

यदि आपकी आँखों या पलकों में सूजन है तो यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने ऑप्टिशियन के पास जाकर अपनी आँखों की संपूर्ण जाँच करवाएँ।

पलकों की सूजन ने आपको परेशान कर दिया है? अपने घर के पास ऑप्टिशियन को खोजें जो आपकी सहायता कर सकता हो।

पलकों की सूजन के लक्षण

आँखों की सूजन के साथ आमतौर पर इनमें से एक या अधिक लक्षण मौजूद होते हैं:

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एक फूला हुआ पलक एलर्जी या एक हानिकारक आँख का संक्रमण का लक्षण हो ससकता है

  • आँखों में खुजली व जलन, जैसे खुजलाहट या खरोंच जैसी संवेदना

  • प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता (फोटोफोबिया)

  • आँखों से पानी आना

  • बाधित दृष्टि (सूजन के स्तर पर निर्भर)

  • पलक लाल पड़ना

  • आँखें लाल पड़ना और कंजंक्टाइवा का सूजन

  • आँखों से किसी पदार्थ का रिसाव

  • पलकें सूखना या पपड़ाना

  • दर्द (विशेष रूप से तब जब संक्रमण के कारण पलकें सूजी हों)

फूली आँखें बनाम सूजी आँखें

शब्द "फूली आँखें और "सूजी आँखें", इन शब्दों को प्रायः एक-दूसरे के स्थान पर प्रयोग कर लिया जाता है।" हालांकि, “फूली आँखें" शब्द का उपयोग आमतौर पर पलकों की सूजन के कारण आँखों की दिखावट का वर्णन करने के लिए किया जाता है, जबकि “सूजी आँखें” का उपयोग आँखों और पलकों की किसी एलर्जी, संक्रमण या चोट के प्रति शोथकारी प्रतिक्रिया का वर्णन के लिए अधिक किया जाता है।

आँखों की सूजन के कारण

पलकों की सूजन के आम कारणों के बारे में कुछ और विवरण इस प्रकार है:

एलर्जियाँ

आँखों की एलर्जियाँ तब होती हैं जब आपका प्रतिरक्षा तंत्र किसी बाहरी पदार्थ, जिसे एलर्जन कहते हैं, पर अति-प्रतिक्रिया देता है। परागकण, धूल, पालतू पशुओं की रूसी, और कुछ आई ड्रॉप्स एवं कॉन्टैक्ट लेंस के घोल में पाए जाने वाले प्रिज़रवेटिव कुछ सबसे आम नेत्र एलर्जन हैं। मेकअप के कारण हुई एलर्जिक प्रतिक्रिया भी आँखों में सूजन पैदा कर सकती है।

आँखों की एलर्जियाँ तब विकसित होती हैं जब आपकी आँखें उन एलर्जनों जिनके प्रति आप संवेदनशील हैं, से सुरक्षा के लिए रासायनिक "मध्यस्थ" उत्पन्न करती हैं। सबसे आम मध्यस्थ है हिस्टामिन, जिसके कारण आपकी आँखों की रक्त वाहिकाएँ चौड़ी होकर सूज जाती हैं, म्यूकस मेम्ब्रेन में खुजली होने लगती है, और आपकी आँखें लाल और पनीली हो जाती हैं।

कंजंक्टिवाइटिस

कंजंक्टिवाइटिस में आँख की सतह के पारदर्शी अस्तर, जिसे कंजंक्टाइवा कहते हैं, में सूजन हो जाता है। एलर्जी, बैक्टीरिया और वायरस के कारण आँखें आना/लाल पड़ना इन सभी प्रकारों में पलकें सूज जाती हैं और आँखों से पानी आना, आँखें लाल पड़ना और उनमें खुजली आना जैसे अन्य लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं।

बिलनियाँ

आमतौर पर पलक के किनारे पर एक सूजे हुए लाल उभार के रूप में दिखती हैं; ये बैक्टीरिया के कारण पलकों में उपस्थित तेल ग्रंथि के संक्रमण और सूजन के कारण होती हैं। जब ये तेल उत्पन्न करने वाली ग्रंथियाँ अवरुद्ध हो जाती हैं, तो आमतौर पर पलकें सूज जाती हैं। कुछ मामलों में स्टाई से पूरी-की-पूरी पलक भी सूज सकती है।

संबंधित सामग्री देखें: स्टाई से छुटकारा कैसे पाएँ

केलेज़ियन (पलकों में गिलटी)

केलेज़ियन या पलकों की गिलटी भी तेल ग्रंथि के अवरुद्ध होने के कारण होती है और शुरुआत में यह स्टाई जैसी दिखती है, पर फिर यह एक कठोर और वसामय पुटिका का रूप ले लेती है। एक और अंतर यह है कि जहां स्टाई पलक के किनारे पर होती है, वहीं केलेज़ियन पलक के किनारे से दूर विकसित होती है। स्टाई और केलेज़ियन (पलक में गिलटी), दोनों ही पलकों में सूजन उत्पन्न करती हैं।

आँखों की चोटें

आँखों के इर्द-गिर्द के स्थान को पहुँचे किसी भी आघात — जिसमें आमतौर पर ब्लैक आई के नाम से ज्ञात चोट और कॉस्मेटिक सर्जरी (ब्लेफैरोप्लास्टी) के कारण पहुँचा आघात शामिल हैं — से शोथ उत्पन्न हो सकता है और पलकें सूज सकती हैं।

कॉन्टैक्ट लेंस पहनना

कॉन्टैक्ट लेंस की अनुचित देखभाल — जैसे गंदे लेंस पहनना, कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर तैरना या उन्हें किसी गंदे लेंस केस में रखना — से आँखों में संक्रमण हो सकता है और पलकें सूज सकती हैं। क्षतिग्रस्त कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से भी आँखों में जलन और खुजली हो सकती है और आपकी पलकें सूज सकती हैं।

ब्लेफराइटिस

यह पलकों की सूजन है जो आमतौर पर पलकों में उपस्थित तेल ग्रंथियों के ठीक से काम न करने के कारण होती है; ये ग्रंथियाँ पलकों के बालों के आधार के निकट तेल स्रावित करती हैं।

ब्लेफराइटिस के लक्षणों में पलकों की सूजन व दर्द शामिल हैं और इसके साथ-साथ पलकों की त्वचा डैंड्रफ़ जैसी पपड़ा सकती है और पलकों के बाल गिर सकते हैं।

आमतौर पर ब्लेफराइटिस एक दीर्घस्थायी अवस्था होती है, यानी इसके लक्षणों को उचित उपचार और स्वच्छता को व्यवहार में लाकर नियंत्रित किया जा सकता है, पर यह पूरी तरह ठीक कभी नहीं होती है। प्रायः इसके साथ बैक्टीरिया का संक्रमण जुड़ा होता है, पर यह एक्ने रोज़ेशिया और ड्राई आई सिंड्रोम के कारण भी हो सकती है।.

संबंधित सामग्री देखें: ब्लेफराइटिस से राहत के लिए पलकों की स्वच्छता के ये सुझाव आजमाएँ

पेरिऑर्बिटल सेल्युलाइटिस

यह पलकों का और आँखों के इर्द-गिर्द की त्वचा के भागों का एक अपेक्षाकृत आम संक्रमण और/या सूजन है। यह संक्रमण बैक्टीरिया, वायरस या अन्य रोगजनकों द्वारा हो सकता है।

पेरिऑर्बिटल सेल्युलाइटिस को प्रीसेप्टल सेल्युलाइटिस भी कहते हैं क्योंकि इसमें प्रभावित हुआ भाग, ऑर्बिटल सेप्टम (एक शीट जैसा ऊतक जिससे पलकों का पीछे वाला कठोर, रेशेदार भाग बनता है) के आगे होता है।

ऑर्बिटल सेल्युलाइटिस

यह आँखों के इर्द-गिर्द मौजूद ऊतकों का एक विरला, पर गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है जिसके कारण ऊपरी व निचली पलकों में, और संभवतः भौहों और गालों में भी दर्द व सूजन होती है। इसके अन्य लक्षणों में आँखों का बाहर निकलता दिखना, दृष्टि कमज़ोर पड़ना, बुख़ार, और आँखें चलाते समय उनमें दर्द होना शामिल हैं।

ऑर्बिटल सेल्युलाइटिस एक चिकित्सीय आपातस्थिति है और दृष्टि तंत्रिका को क्षति, दृष्टि की स्थायी हानि या अंधता और अन्य गंभीर जटिलताओं की रोकथाम के लिए जल्द-से-जल्द आईवी एंटीबायोटिक उपचार प्रायः आवश्यक होता है।

ऑक्युलर हर्पीज़

आम हर्पीज़ सिम्प्लेक्स वायरस से फैलने वाली ऑक्युलर हर्पीज़ को कभी-कभी "आँखों का छाला" कहा जाता है, और यह कॉर्निया में सूजन (और कभी-कभी क्षति के चिह्न) उत्पन्न करती है।

आँखों की हर्पीज़ के लक्षण कंजंक्टिवाइटिस जैसे हो सकते हैं, पर साथ ही पलक पर दर्द वाले छाले, कॉर्निया के गंदला जाने के कारण धुंधली दृष्टि, और आँखों की सूजन भी हो सकती है जो इतनी अधिक हो सकती है कि उससे आपकी दृष्टि बाधित हो जाए।

आँखों की हर्पीज़ के प्रकारों में हल्के संक्रमण से लेकर अधिक गंभीर नेत्र स्वास्थ्य समस्या तक शामिल हैं जिसके कारण कॉर्निया का ट्रांसप्लांट करवाना पड़ सकता है या फिर दृष्टि हानि भी हो सकती है।

ग्रेव्स रोग

आँखों का यह विकार अधिक सक्रिय थायरॉइड ग्रंथि (हायपरथायरॉइडिज़्म) से उत्पन्न होता है जिसमें प्रायः पलकों का सूजना एवं फूलना, आँखों का बाहर निकली दिखाई पड़ना, दोहरी दृष्टि, और पलकों का लटक जाना (टोसिस) जैसी समस्याएँ होती हैं। यदि आपमें इनमें से कोई भी लक्षण है, तो जल्द-से-जल्द अपने ऑप्टिशियन को दिखाकर उचित निदान और उपचार करवाएँ।

पलकों की सूजन का उपचार

पलकों की सूजन का उपचार सूजन के मूल कारण पर निर्भर करता है। आपके ऑप्टिशियन दवाएँ या बिना पर्ची मिलने वाले उपाय, जैसे आई ड्रॉप्स, सुझा सकते हैं।

आमतौर पर, यदि आपकी आँखों में सूजन एलर्जियों के कारण है, तो एंटीहिस्टामिन आई ड्रॉप्स या मुँह से ली जाने वाली एलर्जी की दवाओं से, और चिकनाई देने वाले "कृत्रिम आँसुओं" से लक्षणों में राहत मिलेगी। आपके आँखों के डॉक्टर अधिक गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रियाओं से राहत के लिए कम शक्ति वाले स्टेरॉइड आई ड्रॉप्स भी सुझा सकते हैं।

अन्य कारणों, जैसे कंजंक्टिवाइटिस या ऑक्युलर हर्पीज़ आदि संक्रमणों में एंटी-वायरल या एंटी-इन्फ़्लमेटरी आई ड्रॉप्स या मरहमों, या एंटीबायोटिक दवाओं से अच्छा लाभ मिलता है।

पलकों की सूजन के हल्के-फुल्के मामलों में घरेलू नुस्खों से राहत मिल सकती है। सबसे पहले तो, अपनी आँखें बिल्कुल भी न मलें क्योंकि ऐसा करने से आपकी अवस्था और बिगड़ेगी।

यदि आप पलकों के दीर्घस्थायी सूजन से जुड़े फोटोफोबिया से ग्रस्त हों, तो फोटोक्रोमिक लेंस से प्रकाश संवेदनशीलता घटाने में मदद मिल सकती है। साथ ही, यदि आप कॉन्टैक्ट लेंसपहनते हैं, तो जब तक पलकों की सूजन ठीक न हो जाए उन्हें न पहनें।

कभी-कभी ठंडी सिंकाई से, या बंद पलकों पर ठंडा पानी मारने से भी पलकों की सूजन घट जाती है।

यदि लक्षण बने रहें या और बदतर हो जाएँ, या यदि आपको अपनी आँख में दर्द महसूस हो, तो तुरंत अपने ऑप्टिशियन को दिखाएँ ताकि आपकी आँखों की सूजन के किसी अधिक डरावने कारण की संभावना को ख़ारिज किया जा सके।


पलकों की सूजन की रोकथाम के 4 सुझाव

  1. एलर्जियों का परीक्षण करवाएँ। यदि पलकों की सूजन और एलर्जियों के अन्य लक्षण नियमित रूप से आपको परेशान करते हैं, तो अपना एलर्जी परीक्षण करवाएँ। आपको किससे एलर्जी है यह पता चल जाने पर, आप उन एलर्जनों से बचने की कोशिश कर सकते हैं, या फिर, कम-से-कम उनसे अपने संपर्क को न्यूनतम तो कर ही सकते हैं।

  2. ऐसे मेकअप और सौंदर्य उत्पाद चुनें जो हायपोएलर्जेनिक हों (यानि जिनसे एलर्जिक प्रतिक्रिया होने की संभावना बहुत कम हो) और जिनमें सुगंध न हो, ताकि एलर्जी के भड़कने से बचा जा सके। आप अपने चेहरे पर मेकअप का उपयोग करने से पहले अपनी कलाई के अंदरूनी भाग पर पैच टैस्ट करके भी एलर्जिक प्रतिक्रिया की संभावना को ख़ारिज कर सकते हैं।

  3. आई ड्रॉप्स का उपयोग करते समय, ऐसे आई ड्रॉप्स चुनें जिनमें प्रिज़रवेटिव न हों। आपकी नियमित आई ड्रॉप्स में प्रिज़रवेटिव बैक्टीरिया की वृद्धि रोकते हैं, पर कुछ लोगों को इन प्रिज़रवेटिव से एलर्जी होती है।

  4. यदि आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं,तो आँखों के संक्रमण या उनमें जलन व खुजली के अपने जोख़िम को घटाने के लिए आप यह कर सकते हैं कि स्वच्छता की उचित तकनीकों को व्यवहार में लाएं, इसमें बार-बार अपने कॉन्टैक्ट लेंस और उनका केस बदलना शामिल है।


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