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आँखों की सूजन (फूली आँखें): आँखों के नीचे की सूजन से छुटकारा कैसे पाएँ

पफी आँख वाली महिला

आँखों की सूजन और आँखों के नीचे के काले घेरे कई कारणों से होते हैं, जिनमें चेहरे की वंशानुगत विशेषताएँ, एलर्जियाँ, तनाव, आँखों की थकान और व्यक्ति विशेष की त्वचा की विशेषताएँ, जैसे उसकी सतही बनावट, शामिल हैं।

हालांकि कुछ घरेलू नुस्खे, जैसे खीरे के आरामदेह स्लाइस आँखों की सूजन से अस्थायी राहत दे सकते हैं, पर यदि आपको अधिक दीर्घस्थायी समाधान चाहिए तो आपको समस्या का मूल कारण जानना होगा।

आँखों की सूजन क्यों होती है?

आँखों के इर्द-गिर्द साधारण सूजन का यह अर्थ है कि आस-पास की त्वचा के ऊतक में तरल पदार्थ अधिक मात्रा में इकट्ठा हो गए हैं, जिसे एडीमा कहते हैं। चूंकि आँखों के इर्द-गिर्द की त्वचा शरीर में सबसे पतली होती है, अतः यहाँ आने वाली सूजन और बेरंगता काफ़ी साफ दिख जाती है।

पर तरल पदार्थ इकट्ठा होकर आँखों की सूजन पैदा करते ही क्यों हैं?

आँखों की सूजन आमतौर पर कई कारणों से होती है, जैसे:

  1. नमक का अधिक सेवन, जिसके कारण तरल पदार्थ इकट्ठा होने लगते हैं

  2. शोथ और सूजन उत्पन्न करने वाली एलर्जियाँ

  3. साइनस की समस्याएँ

  4. निर्जलीकरण (पानी की कमी)

  5. थकान और नींद की कमी

  6. तनाव

  7. रोना

  8. बढ़ती आयु

  9. चेहरे की वंशानुगत विशेषताएँ

हालांकि अंतिम उत्तर बहुत संतोषजनक नहीं है, पर यह सच है कि कई लोगों की आँखें सिर्फ़ इसलिए सूजी दिखती हैं क्योंकि यह लक्षण उनके परिवार में पीढ़ियों से चल रहा होता है।

आयु बढ़ने के साथ, आँखों की सूजन आंशिक रूप से तब भी उत्पन्न हो सकती है जब आँखों के हड्डीमय कोटर के अंदर आँखों की सुरक्षा करने वाला वसा ऊतक आँख को आगे की ओर धकेलने लगता है और आँख के नीचे मौजूद स्थानों को भर देता है।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आयु बढ़ने के साथ वह झिल्ली या "सेप्टम" पतली होता जाता है जो ऊपरी और निचली, दोनों पलकों में वसा को थामे रखता है। इस झिल्ली के पतली हो जाने पर, वसा नीचे उतरने लगता है और आगे की ओर बल लगाने लगता है। ऐसा होने पर आँख के नीचे बैग या उभार बनने लगते हैं।

सुबह-सुबह आँखें क्यों सूजी होती हैं?

सोने के दौरान हम पलकें नहीं झपकाते हैं। और आंशिक रूप से इस कारण के चलते आँखों के नीचे सूजन आ जाती है।

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आँखों के नीचे स्ट्रेस या नींद कम के वझे से काले घेरे आ सख्ते हैं

पलकों के लिए झपकना कुछ ऐसा ही है जैसे पैरों के लिए चलना। निष्क्रिय रहने पर कुछ लोगों के पैरों में सूजन आ जाती है, और जैसे ही वे चलना शुरू करते हैं तो उनके पैरों की पेशियां इकट्ठा हो गए तरल पदार्थों (एडीमा) को "दुहकर" उन्हें वापस परिसंचरण में पहुँचा देती हैं, जिससे वह सूजन चली जाती है।

ऐसी ही क्रिया पलकों में भी होती है। नींद के दौरान पलकें बंद रहती हैं और झपकती नहीं हैं, इससे कुछ लोगों, जिनमें यह समस्या आम है, की पलकें सूज जाती हैं। इसलिए जब वे सुबह उठते हैं तो उनकी पलकें असामान्य रूप से फूली और सूजी हुई होती हैं। जब आप अपनी आँखें खोलते हैं और पलकों को झपकाना शुरू करते हैं, तो इस सूजन का कुछ हिस्सा लगभग घंटे भर में गायब हो जाता है।

क्या आँखों की सूजन किसी चिकित्सीय अवस्था का संकेत है?

जब आँखों की सूजन अनपेक्षित रूप से हो, तो कभी-कभी वह किसी अंतर्निहित चिकित्सीय आवस्था का संकेत होती है।

उदाहरण के लिए, थायरॉइड नेत्र रोग से ग्रस्त लोगों में आँखों के इर्द-गिर्द के ऊतकों और पेशियों में सूजन आ सकती है। साथ ही, बाहर को निकली आँखें ग्रेव्स रोग नामक एक थायरॉइड विकार का संकेत हो सकती हैं।

मौसमी/परागज ज्वर (हे फ़ीवर) आदि अवस्थाओं से संबंधित नेत्र एलर्जियाँ भी आँखों में सूजन पैदा कर सकती हैं। अन्य प्रकार की एलर्जियाँ, जैसे कुछ खाद्य पदार्थों या रसायनों के प्रति प्रतिक्रियाएँ, भी पलकों में सूजन पैदा कर सकती हैं।

एलर्जिक प्रतिक्रिया के दौरान शरीर की कुछ कोशिकाएँ हिस्टामिन नामक रसायन उत्पन्न करती हैं जो शरीर के ऊतकों पर कई प्रतिकूल प्रभाव डालता है, जैसे रक्त वाहिकाओं से तरल पदार्थों का रिसाव। ये तरल पदार्थ आस-पास के ऊतकों में फंस जाते हैं, जिससे एडीमा (तरल पदार्थ एकत्रण के कारण सूजन) उत्पन्न हो जाता है।

आपकी आँखों में किसी प्रकार का संक्रमण, जैसे कंजंक्टिवाइटिस, होने पर भी पलकें फूल व सूज सकती हैं और आँखों के नीचे काले घेरे बन सकते हैं।आँखों की यह सूजन आँखों के संक्रमण से जुड़े शोथ के कारण होती है जो पास मौजूद पलकों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। साथ ही, आँखों में ख़ुश्की से भी आँखों के फूलने व सूजने की समस्या पैदा हो सकती है।

दैहिक रोग, जिनमें गुर्दों की विफलता शामिल है, आँखों के इर्द-गिर्द समेत पूरे शरीर में सूजन पैदा कर सकते हैं।

आँखों की सूजन के कुछ उपचार क्या हैं?

आँखों की सूजन और काले घेरों का सर्वोत्तम समाधान ढूंढने के लिए मूल कारण की पहचान करना ज़रूरी है।

यदि आपकी माता या पिता की आँखें फूली या सूजी रहती हैं, तो हो सकता है कि आपको यह गुण उन्हीं से मिला हो। इस मामले में, आप फुलाव या सूजन घटाने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी पर विचार कर सकते हैं।

आयु बढ़ने के कारण आँख सूजने के लिए भी संभवतः कॉस्मेटिक समाधान ही आवश्यक होगा।

आप अपनी पलकों से संबंधित चिंताओं के हल के लिए उपलब्ध विकल्पों पर अपने ऑप्टिशियन या किसी कॉस्मेटिक सर्जन से चर्चा कर सकते हैं। इन विकल्पों में केमिकल पील, लेज़र स्किन रीसरफ़ेसिंग कार्यविधियाँ, कुछ प्रेस्क्रिप्शन त्वचा उत्पाद, और ब्लेफैरोप्लास्टी यानी पलकों की सर्जरी शामिल हैं।

ब्लेफैरोप्लास्टी में ऊपर और नीचे की पलकों से अतिरिक्त वसा ऊतक और त्वचा के आधिक्य को हटा दिया जाता है और त्वचा व पेशियों को कसा जाता है ताकि सूजन/फुलाव और झुर्रियां घट जाएं।

कई अस्थायी नुस्खे आँखों के इर्द-गिर्द की सूजन घटाने में मदद कर सकते हैं, जैसे:

  • एलर्जियों के कारण होने वाली जलन व खुजली में राहत देने वाले आई ड्रॉप्स का उपयोग, यदि उपयुक्त हो तो

  • पानी की कमी से बचने के लिए भरपूर मात्रा में तरल पदार्थ पीना

  • पलकें सूजने पर बर्फ़ से सेंकना

  • बंद आँखों के ऊपर खीरे के स्लाइस या बर्फ़ जितने ठंडे टी बैग्स रखना

  • विशेष रूप से आँखों के इर्द-गिर्द उपयोग के लिए बनाई गईं क्रीम्स और अन्य त्वचा उत्पादों का उपयोग करना

  • अपने आहार में नमक घटाना

  • अपने शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ बाहर निकालने के लिए पोटेशियम की अधिक मात्रा वाले खाद्य पदार्थ खाना, जैसे केले

  • अपने चेहरे और आँखों पर ठंडा पानी डालना

  • पर्याप्त नींद और विश्राम लेना

पलकों की सूजन घटाने में प्रयोग होने वाली क्रीमों और मरहमों में प्रायः फेनिलएफ्रिन होती है — यह दवा रक्त वाहिकाओं को संकुचित करके उनका व्यास घटा देती है। इससे सूजी हुई पलकों पर संभावित रूप से दोहरा प्रभाव हो सकता है।

पहला, यदि पलकों की पतली त्वचा के नीचे मौजूद रक्त वाहिकाओं के जाल के दिखने के कारण काले घेरे दिखते हैं, तो वाहिकाओं को संकुचित करने से कालापन घट सकता है।

दूसरा, रक्त वाहिकाओं को संकुचित करने से उनके अंदर से होने वाले तरल पदार्थों के रिसाव की संभावना घट सकती है, और इससे सूजन में कमी आ सकती है।

हालांकि, इन उत्पादों को अपनी आँखों के इर्द-गिर्द लगाते समय सावधान रहें। यदि ग़लती से वे आँख में लग गए, तो आपको एक गंभीर शोथकारी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ सकता है जिसे केमिकल कंजंक्टिवाइटिस कहते हैं। यदि ऐसा हो, तो तुरंत अपने ऑप्टिशियन या डॉक्टर को दिखाएँ।

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