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चश्मों के बारे में बहुधा पूछे जाने वाले प्रश्न: चश्मों से संबंधित प्रश्न और उत्तर

जब मुझे दुकान में सस्ते चश्मे आसानी से मिल सकते हैं तो मैं आंखों के डॉक्टर के पास क्यों जाऊं?

कुछ लोग दुकानों में मिलने वाले पढ़ने के चश्मों के मामले में नसीब वाले होते हैं। हालांकि, आपको इन दो कारणों से अपने आंखों के डॉक्टर के पास नियमित रूप से जाना चाहिए:

  • आंखों की नियमित जांचें कुछ "छिपे" रोगों जैसे ग्लूकोमा उनकी शुरुआत में ही पहचानने का एकमात्र तरीका हैं, जिससे स्थायी दृष्टि हानि होने से पहले ही उनका उपचार किया जा सकता है।

  • दुकानों में मिलने वाले चश्मे ख़ास ज़रूरतों के हिसाब से नहीं बने होते, अतः वे उन लोगों के लिए उपयुक्त नहीं हैं जो एस्टिग्मेटिज़्म (दृष्टि विषमता)से पीड़ित हैं, जिनकी दोनों आंखों की पॉवर अलग-अलग है, या जिनकी आंखों के बीच की दूरी "औसत" से कम या अधिक है। ऐसे मामलों में, पहले से बने-बनाए "पढ़ने के चश्मे" आंखों में तनाव और सिरदर्द का कारण बन सकते हैं।

मुझ पर अच्छा दिखने वाला चश्मा पाने का क्या राज़ है?

सबसे पहले, यह पता करें कि आपके चेहरे की आकृति, चेहरों की सात बुनियादी आकृतियों में से कौनसी है, और आपकी आकृति पर अच्छे दिखने वाले फ्रेम्स के बारे में यहां दिए गए सुझाव पढ़ें। उसके बाद, पता करें कि कौनसे रंग आपकी त्वचा, आंखों, और बालों के रंग के साथ अच्छे दिखते हैं।

मेरे चश्मे पर परेशान करने वाले परिवर्तनों से मैं कैसे बचूं?

एंटी-रिफ़्लेक्टिव कोटिंग, जिसे AR कोटिंग भी कहते हैं, आपको अपने चश्मे से अधिक आसानी से देखने में मदद करती है, इससे दूसरे लोग आपकी आंखें बेहतर ढंग से देख पाते हैं और फ़्लैश के साथ खींची गईं तस्वीरों में बुरे लगने वाले चमकदार धब्बे भी ख़त्म हो जाते हैं।

मुझे बाहर निकलने पर धूप का चश्मा बन जाने वाला चश्मा चाहिए। क्या आप मुझे उसके बारे में और बता सकते हैं?

ऐसे लेंसों को फोटोक्रोमिक लेंस कहते हैं।.

सूर्य की यूवी किरणों के संपर्क में आने पर फोटोक्रोमिक लेंस अपने-आप गहरा जाते हैं और धूप का चश्मा बन जाते हैं, और जब यूवी से उनका संपर्क ख़त्म हो जाता है तो वे तुरंत दोबारा से रंगहीन हो जाते हैं। यदि आप आमतौर पर पूरे दिन चश्मा पहनते हैं, बारंबार बाहर जाते हैं, और प्रेस्क्रिप्शन चश्मों की जहमत नहीं उठाना चाहते, तो फोटोक्रोमिक लेंस आपके लिए एक अच्छा विकल्प हैं।

पर यह जान लें कि अधिकतर फोटोक्रोमिक लेंस आपकी कार या ट्रक के अंदर बहुत अधिक गहरे नहीं हो पाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि आजकल के वाहनों में लगने वाले विंडशील्ड (और सनरूफ़) सूर्य के अल्ट्रावॉयलेट विकिरण को लगभग पूरी तरह रोक देते हैं जबकि यही विकिरण, लेंस गहराने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक होता है। इसलिए, तेज़ धूप वाले दिनों में ड्राइविंग के लिए आपको प्रेसक्रिप्शन चश्मा खरीदने की ज़रूरत पड़ सकती है।

अधिकतर चश्मे मेरे सिर के हिसाब से बहुत छोटे हैं। क्या आप कोई ऐसी ब्रांड जानते हैं जो बड़े फ्रेम बनाती है?

एक समय था जब चश्मों के यूनिसेक्स फ्रेम बहुत लोकप्रिय हुआ करते थे। पर अधिकतर यूनिसेक्स फ्रेम केवल मध्यम, और "एक साइज़ सभी को नहीं बल्कि अधिकतर को फ़िट आए" ऐसे आकारों में उपलब्ध थे।

आज, बहुत सी आईवियर कंपनियों ने बड़े फ्रेम पेश कर दिए हैं (जिनमें बड़े आकार वाली यूनिसेक्स स्टाइल भी हैं) जिससे ऐसे लोगों के लिए उपलब्ध विकल्प बढ़ गए हैं जिन्हें बड़े फ्रेम ही आरामदायक ढंग से फ़िट आते हैं।

आपको ऑप्टिकल बुटीक और ऐसी दुकानों में बड़े फ्रेम मिलने की संभावना अधिक है जो हाई-क्वालिटी फ्रेम्स का विशाल संकलन रखती हैं। सस्ते फ्रेम अक्सर केवल एक आकार में उपलब्ध होते हैं, जो बड़े सिर वाले व्यक्ति को शायद ही कभी फ़िट आते हैं।

अपना फ्रेम चुनने के मामले में सर्वाधिक संतुष्टि के लिए, किसी ज्ञानी ऑप्टिशियन (चश्मा बनाने वाले) की मदद लें। कुछ मामलों में, यदि आपको किसी दुकान में रखा कोई फ्रेम पसंद आ जाए, पर वह आपके चेहरे के हिसाब से बहुत छोटा हो, तो संभव है कि ऑप्टिशियन आपके लिए उसका बड़ा आकार विशेष ऑर्डर पर मंगवा दे।

वे चेतावनी संकेत क्या हैं जो बताते हैं कि किसी बच्चे को चश्मे की ज़रूरत हो सकती है?

किसी बच्चे में पॉवर वाले चश्मे या लेंस की ज़रूरत वाली दृश्टि संबंधी समस्या होने के आम संकेत इस प्रकार हैं:

  • लगातार टीवी के बहुत पास बैठे रहना या पुस्तक को बहुत पास रख कर पढ़ना

  • पढ़ते समय कहां पढ़ रहे थे वह स्थान खो बैठना

  • अंगुली फिराते हुए पढ़ना

  • भैंगापन

  • बेहतर देखने के लिए सिर झुकाना

  • बार-बार आंखों को मलना

  • प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता

  • अत्यधिक आंसू आना

  • पढ़ने, टीवी देखने या बेहतर देखने के लिए एक आंख बंद कर लेना

  • निकट दृष्टि की ज़रूरत वाली गतिविधियों, जैसे पढ़ना या होमवर्क करना, या फिर दूर दृष्टि की ज़रूरत वाली गतिविधियों, जैसे खेलकूद या मन बहलाने की अन्य गतिविधियों से बचना

  • सिरदर्द या आंखों में थकान की शिकायत करना

  • स्कूल में सामान्य से कम ग्रेड मिलना

यदि आपके बच्चे में इनमें से कोई भी संकेत दिखे तो अपने आंखों के डॉक्टर को दिखाएं।

मैं ऐसा चश्मा कैसे चुनूं जिसे मेरा बच्चा सच में पहने?

बच्चे को चश्मा पहनाने के मामले में सबसे ज़रूरी बात यह है कि आप उसे फ्रेम चुनने दें।  

जब बच्चों को उन्हें पसंद आने वाले और आकर्षक लगने वाले चश्मा फ्रेम चुनने दिया जाता है, तो उनकी वह चश्मा पहनने की संभावना काफ़ी बढ़ जाती है।

मुझे चिंता है कि मेरे बेटे का चश्मा, पहने होने के दौरान टूट सकता है। उसकी आंखों की सुरक्षा करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?

पॉलीकार्बोनेट का सुझाव बच्चों के लिए दिया जाता है क्योंकि यह टक्कर, झटके आदि आसानी से झेल जाता है। ट्रिवेक्स (Trivex) ऐसा ही एक अन्य लेंस मटीरियल है जो टक्कर व झटके आदि आसानी से झेल जाता है और बच्चों के चश्मों के लिए काफ़ी अच्छा है।

मैं मेरे चश्मे का जीवन कैसे लंबा करूं?

अपना चश्मा अच्छी स्थिति में बनाए रखने के लिए इन सुझावों का पालन करें:

  • यदि आप केवल एक चश्मा खरीद रहे हैं तो ऐसा ट्रेंडी फ्रेम न खरीदें जो जल्द ही चलन से बाहर हो सकता हो।

  • यदि आप किसी ऐसे बच्चे के लिए चश्मा खरीद रहे हैं जिसका प्रेस्क्रिप्शन (पॉवर या नंबर) अक्सर बदल जाता है, तो हर बार नया फ्रेम खरीदने की बजाय पुराने फ़्रेम में ही नए लेंस लगाने को कहें।

  • स्प्रिंगदार कब्जों वाला स्टाइल चुनें, इससे टेम्पल (कानों तक जाने वाली डंडियां) थोड़ा बाहर की ओर खुल पाती हैं और चश्मा टूटता भी नहीं है।

  • खरोंच-रोधी कोटिंग वाले लेंस खरीदें।

  • अपने चश्मे की देखभाल के लिए अपने आंखों के डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें। ग़लत ढंग से की गई देखभाल, एंटी-रिफ़्लेक्टिव कोटिंग को नुकसान पहुंचने का मुख्य कारण है और इससे अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

मुझे नया चश्मा कितने अंतराल पर बनवाना चाहिए?

यदि आपका प्रेस्क्रिप्शन (पॉवर या नंबर) बदल गया हो तो आपको नया चश्मा बनवाना चाहिए; आपके आंखों के डॉक्टर आपको बता देंगे।

नज़र साफ़ बनाए रखने के लिए, हर वर्ष या हर दो वर्षों में एक बार अपने आंखों के डॉक्टर को दिखाएं। आपके डॉक्टर आपको बता सकते हैं कि आपके लिए कौनसा अंतराल सही है।

मुझे पढ़ने या ड्राइव करने में कोई समस्या नहीं है, पर मुझे कुछ ख़ास कामों में समस्या होती है, विशेष रूप से मेरे कार्यस्थल पर। गड़बड़ कहां है?

लगता है कि आपमें प्रेसबायोपिया की शुरुआत हो रही है, इसमें बांह जितनी दूरी तक की दृष्टि में स्पष्टता घटने लगती है जो बढ़ती उम्र से जुड़ी होती है और सामान्य होती है।

यह समस्या बाईफ़ोकल (जो केवल दूर और निकट दृष्टि में सुधार करते हैं) या पढ़ने के चश्मे (जो केवल निकट दृष्टि में सुधार करते हैं) पहनने वाले कंप्यूटर उपयोक्ताओं में आम है। आपकी कंप्यूटर स्क्रीन और आपके वर्कस्टेशन पर मौजूद अन्य चीज़ों को साफ़-साफ़ देखने के लिए आपको जो दृष्टि चाहिए वह दूर व निकट दृष्टि के इन दो चरम बिंदुओं के बीच होती है, इसलिए बाईफ़ोकल चश्मे और पढ़ने के चश्मे, दोनों ही इसका सर्वोत्तम समाधान नहीं हैं।

प्रोग्रेसिव लेंस प्रेसबायोपिया (उम्र बढ़ने के कारण दूरदृष्टिता) से ग्रस्त लोगों के लिए एक बेहतर विकल्प हैं क्योंकि ये लाइन-फ़्री मल्टीफ़ोकल लेंस मध्यम दूरी (कंप्यूटर) की दृष्टि, दूर दृष्टि और निकट दृष्टि, सभी में सुधार करते हैं।

पर ये लेंस भी आरामदेह कंप्यूटर दृष्टि के लिए नाकाफ़ी हो सकते हैं क्योंकि सामान्य प्रयोजन वाले प्रोग्रेसिव लेंस का मध्यवर्ती ज़ोन, आकार में अपेक्षाकृत छोटा होता है।

कंप्यूटर जनित आंख के तनाव या अन्य कार्य-संबंधी दृष्टि समस्याओं का जोख़िम घटाने के लिए अपने डॉक्टर से पूछें कि क्या विशेष रूप से प्रेस्क्राइब किए गए कंप्यूटर चश्मे आपकी ज़रूरतों के लिए अच्छे रहेंगे। ये लेंस कंप्यूटर स्क्रीन को पढ़ने या उस पर अन्य कार्य करने के लिए बहुत विशाल दृष्टि-क्षेत्र प्रदान करते हैं, और आंखों के तनाव, गर्दन में दर्द (बाईफ़ोकल के जरिए स्क्रीन को साफ़ देखने के लिए अपनाई गईं अस्वस्थ मुद्राओं के कारण) और कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम के अन्य लक्षणों से मुक्ति दिलाते हैं।

कंप्यूटर चश्मों में सिंगल विज़न लेंस, लाइन्ड ट्राईफ़ोकल लेंस, लाइन-फ़्री "ऑफ़िस" प्रोग्रेसिव लेंस, या आपकी ज़रूरत के मुताबिक कोई अन्य डिज़ाइन वाले व्यावसायिक लेंस हो सकते हैं।

कंप्यूटर चश्मे आजमाने वाले कई लोगों का यह कहना है कि वे ऑफ़िस के काम के लिए बहुत आरामदेह होते हैं और दिन भर के काम के बाद भी उनकी आंखों में थकान काफ़ी कम होती है।

हालांकि, यह जान लें कि कंप्यूटर चश्मे मध्यम दूरी की दृष्टि और निकट दृष्टि के लिए बनाए गए होते हैं और उन्हें ड्राइविंग के लिए या ऐसी गतिविधियों के लिए नहीं पहनना चाहिए जिनमें स्पष्ट दूर दृष्टि चाहिए होती है। अपने इस कीमती "दूसरे चश्मे" को अपने कंप्यूटर के पास रखें और जब भी आपको लंबे समय तक बांह जितनी दूरी वाले काम करने हों तो इसे पहने रखें।

मैं मेरे "कोक-बॉटल" चश्मे के लेंसों से तंग आ चुका/की हूं। क्या मैं कुछ कर सकता/ती हूं?

हां — आप अपने मोटे, अनाकर्षक लेंसों के स्थान पर थोड़ा हाई इंडेक्स वाले लेंस ले सकते हैं जो पतले व हल्के होते हैं.

अधिकतम संभव पतले और आकर्षक लेंस पाने के लिए, ऐसे लेंस चुनें जिनका इंडेक्स ऑफ़ रिफ़्रेक्शन (अपवर्तनांक) 1.67 या अधिक हो और जो एस्फेरिक लेंस हों। इन विशेषताओं से आपके लेंस की मोटाई, आपके मौजूदा लेंस से 50 प्रतिशत तक घट सकती है — और इससे आपका चश्मा कहीं हल्का और आरामदेह भी बन जाएगा।

और मोटे, अनाकर्षक चश्मों से बचने के अन्य लोकप्रिय तरीके भी न भूलें: कॉन्टैक्ट लेंस और लेसिक (LASIK) दृष्टि सुधार सर्जरी। अपने डॉक्टर से पूछें कि क्या आपके लिए ये विकल्प भी ठीक हैं।

मेरे चश्मे के प्रेस्क्रिप्शन पर लिखे नंबरों का क्या अर्थ है?

कोई भी चश्मे का प्रेस्क्रिप्शन एक मानक रूप में लिखा जाता है ताकि उसे दुनिया भर में कहीं भी समझा जा सके। आइए एक प्रेस्क्रिप्शन पर नज़र डालते हैं और देखते हैं कि इन नंबरों का क्या अर्थ है:

मान लें कि आपकी दायीं आंख का प्रेस्क्रिप्शन है: -2.00 -1.00 x 180.

पहला नंबर (-2.00) निकटदृष्टिता या दूरदृष्टिता को ठीक करने के लिए स्फेरिकल लेंस की पॉवर बताता है। यदि नंबर से पहले माइनस हो (जैसा यहां है) तो यह बताता है कि लेंस की पॉवर निकटदृष्टिता को ठीक करने के लिए है। यदि नंबर से पहले प्लस (+) हो, तो लेंस की पॉवर दूरदृष्टिता को ठीक करने के लिए होगी। सभी मामलों में, चश्मों के प्रेस्क्रिप्शन में लिखे नंबरों के लिए पॉवर की यूनिट डायोप्टर (D) होती है। यानि चश्मे का यह प्रेस्क्रिप्शन 2.00 D की निकटदृष्टिता को ठीक करने को कह रहा है।

दूसरा नंबर (-1.00) सप्लीमेंटल लेंस पॉवर है (जिसे "सिलिंडर" पॉवर कहते हैं) जिसे दृष्टि विषमता (एस्टिग्मेटिज़्म) ठीक करने के लिए प्रेस्क्राइब किया जा रहा है। आपके आंखों के डॉक्टर द्वारा चुनी गई प्रेस्क्रिप्शन लिखने की स्टाइल के आधार पर, सिलिंडर पॉवर से पहले माइनस या प्लस का चिह्न हो सकता है। यदि आपमें दृष्टि विषमता (एस्टिग्मेटिज़्म) को ठीक करने की कोई ज़रूरत नहीं है, तो संभव है कि आपके डॉक्टर आपके प्रेस्क्रिप्शन पर इस बॉक्स के अंदर बस एक आड़ी रेखा खींच दें या "SPH" अथवा "DS" लिख दें जो यह दर्शाता है कि केवल निकटदृष्टिता या दूरदृष्टिता को ठीक करने के लिए स्फेरिकल पॉवर की ज़रूरत है।

तीसरा नंबर (x 180) दृष्टि विषमता (एस्टिग्मेटिज़्म) के "अक्ष (एक्सिस)" का स्थान दर्शाता है। निकटदृष्टिता या दूरदृष्टिता ठीक करने वाली स्फेरिकल पॉवर के विपरीत, दृष्टि विषमता (एस्टिग्मेटिज़्म) को ठीक करने वाली सिलिंडर पॉवर के मामले में, लेंस की अलग-अलग मेरीडियन्स (लेंस के केंद्र से गुजरने वाली रेखाओं) में अलग-अलग मात्रा में पॉवर होती है। (आप मेरीडियन्स को किसी पहिये की तानों की तरह मान सकते हैं।)

दृष्टि विषमता (एस्टिग्मेटिज़्म) का अक्ष, सिलिंडर की वह मेरीडियन होता है जिसमें शून्य पॉवर होती है, और यह हमेशा ही आपके प्रेस्क्रिप्शन पर 1 से 180 के बीच की एक संख्या होता है जिससे पहले "x" लिखा होता है। यदि आपमें दृष्टि विषमता (एस्टिग्मेटिज़्म) नहीं है, तो आपके चश्मे के प्रेस्क्रिप्शन का यह भाग खाली छोड़ दिया जाता है।

यदि आपको प्रेसबायोपिया (उम्र बढ़ने के कारण दूरदृष्टिता) है और आपको बाईफ़ोकल या अन्य प्रकार के मल्टीफ़ोकल लेंसों की ज़रूरत है, तो आपके चश्मे के प्रेस्क्रिप्शन में "ADD" से चिह्नित एक बॉक्स में एक नंबर लिखा होगा। यह वह अतिरिक्त मैग्निफ़िकेशन (आवर्धन) पॉवर है जिसे आपकी पढ़ने की दृष्टि को बेहतर बनाने के लिए आपके लेंसों के निचले आधे भाग में रखा जाता है। इससे पहले "+" का चिह्न लिखा हो सकता है, और आमतौर पर यह 0.75 से 3.00 के बीच की कोई संख्या होता है।

और अंत में, आपको आपके चश्मे के प्रेस्क्रिप्शन पर "OD" और "OS" जैसे शब्द लिखे दिख सकते हैं। ये लैटिन शब्दों के संक्षिप्त रूप हैं जिनका अर्थ "दायीं आंख" (OD) और "बायीं आंख" (OS) होता है। कभी-कभी आपको एक तीसरा संक्षिप्त रूप भी लिखा मिल सकता है: "OU." इसका अर्थ है "दोनों आंखें।"

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