पढ़ने के चश्मे: खरीदने से पहले यह जान लें

पेज अपडेट किया गया 21 मई 2026 - पेज प्रकाशित किया गया 27 फ़रवरी 2019
वरिष्ठ महिला पढ़ते हुए चश्मा पहनकर उपन्यास पढ़ती है
द्वारा John Egan

जब ऐसी स्थिति आ जाए कि आप पास की चीज़ों को पूरी एक बाँह से कम दूरी पर पढ़ने में असमर्थ हो जाएं, तो आपको सिंगल-विज़न पढ़ने के चश्मे की ज़रूरत हो सकती है।

पढ़ने के चश्मे दो मुख्य शैलियों में आते हैं:

  1. फ़ुल फ़्रेम, जिसमें पूरा लेंस पढ़ने के प्रेस्क्रिप्शन के अनुसार बनाया जाता है।
  2. "हाफ़-आई," ये अपेक्षाकृत छोटे, "हाफ़-मून" शैली के चश्मे होते हैं जिन्हें आप अपनी नाक पर थोड़ा नीचे टिकाते हैं।

फ़ुल फ़्रेम वाले पढ़ने के चश्मे उन लोगों के लिए उपयुक्त हैं जो चीज़ों को पास से पढ़ने और ध्यान से देखने में काफ़ी समय बिताते हैं। इनसे पढ़ने के लिए कहीं बड़ा दृष्टि क्षेत्र मिलता है, पर यदि आप नज़रें उठाकर इनसे कमरे के पार देखने की कोशिश करेंगे, तो सब कुछ धुंधला दिखेगा।

इनके विपरीत, "हाफ़-आई" शैली के पढ़ने के चश्मे से आप नीचे की ओर नज़र करके नज़दीकी चीज़ों को लेंस के जरिए साफ-साफ देख व पढ़ सकते हैं, और नज़रें उन लेंसों से ऊपर करके दूर की चीज़ें भी साफ देख सकते हैं।

आमतौर पर, पहली बार चश्मा पहनने वाले लोग पढ़ने के चश्मों से शुरुआत करते हैं, न कि  प्रोग्रेसिव  या बाईफ़ोकल लेंसों से;यदि आपकी पास की और दूर की, दोनों तरह की नज़र कमज़ोर है तो प्रोग्रेसिव या बाईफ़ोकल लेंस बेहतर रहते हैं।

अपने फोन पर टेक्स्ट पढ़ने में मुश्किल होती है? पढ़ने के चश्मे आपके लिए एक आदर्श विकल्प हो भी सकते हैं और नहीं भी। अपने घर के पास ऑप्टिशियन को खोजें जो इस निर्णय में आपकी सहायता कर सकता हो।

अस्थायी उपयोग, जैसे मद्धिम प्रकाश वाले किसी रेस्त्राँ में शाम को उपयोग के लिए, कुछ उपयोगी एक्सेसरीज़ काम आ सकती हैं, जैसे पढ़ने के छोटे और फ़ोल्ड हो जाने वाले चश्मे जो पेन के आकार के केस में आ जाते हैं, और मैग्निफ़ायर लेंस, जो आपके गले में किसी पेंडेंट की तरह लटकते रहते हैं।

आपने वह क्रेडिट कार्ड जितना बड़ा होल्डर भी देखा होगा जिसमें प्लास्टिक लेंस लगे होते हैं और जो आसानी से वॉलेट में समा जाता है — किसी किताब को पढ़ने के लिए ये होल्डर बहुत ही बुरे हैं, पर जब किसी रेस्त्राँ में आपको फटाफट बिल पढ़ना हो तो उस समय के लिए ये ठीक-ठाक उपाय हैं।

बाहर धूप में पहनने के लिए यूवी प्रोटेक्शन वाले पढ़ने के रंगीन चश्मे भी उपलब्ध हैं; सनग्लास बाईफ़ोकल इनकी एक लोकप्रिय किस्म है, इसमें लेंस का ऊपरी आधा भाग नॉन-प्रेस्क्रिप्शन होता है जो दूर की चीज़ें देखने के लिए होता है, और निचला आधा भाग रीडिंग प्रेस्क्रिप्शन होता है जो पास की चीज़ें देखने व पढ़ने के लिए होता है।

कस्टम-मेड पढ़ने के चश्मों के लाभ

हर व्यक्ति के लिए उपयोगी पढ़ने के विशिष्ट चश्मे ऑप्टिशियन से बनवाए जा सकते हैं, या फिर उन्हें किसी दवा की दुकान अथवा डिपार्टमेंट स्टोर से "रेडी-मेड" खरीदा जा सकता है।

रेडी-मेड पढ़ने के चश्मे विशेष तौर पर बने चश्मों से सस्ते होते हैं, इसलिए आप ऐसे कई चश्मे खरीद सकते हैं ताकि हर समय एक पढ़ने का चश्मा आपके साथ रहे।

रेडी-मेड पढ़ने के चश्मे बहुत सारी मज़ेदार स्टाइलों और रंगों में भी उपलब्ध होते हैं, ताकि आप बहुत सारा पैसा जोख़िम में डाले बिना अतरंगी से चश्मे खरीद कर फ़ैशन के साथ प्रयोग कर सकें।

यदि आपको स्टाइल पसंद न आए, तो आप परंपरागत लुक वाला कोई और सस्ता सा चश्मा खरीद सकते हैं। रेडी-मेड पढ़ने के चश्मों का एक और लाभ यह है कि आप घर के अलग-अलग कमरों, कार, ऑफ़िस, ब्रीफ़केस, हैंडबैग आदि में एक-एक चश्मा रख सकते हैं।

रेडी-मेड पढ़ने के चश्मे खरीदने का एक नुकसान यह है कि ये चश्मे मूल रूप से "सब-धान-सत्ताइस-सेर" वाले आइटम हैं। दोनों लेंसों में प्रेस्क्रिप्शन बराबर होता है, और लेंसों के प्रकाशिक केंद्र का स्थान, पहनने वाले के हिसाब से बनाया गया नहीं होता है।

अधिकांश लोगों की दोनों आँखों का प्रेस्क्रिप्शन एकदम बराबर नहीं होता है, और लगभग हर व्यक्ति के प्रेस्क्रिप्शन में कम-से-कम कुछ मात्रा में  तो संभव है  ) हेतु सुधार शामिल होता ही है।

यदि आपके पढ़ने के चश्मे का पॉवर, आपके वास्तविक प्रेस्क्रिप्शन से बहुत अलग है, या उसके प्रकाशिक केंद्र आपकी पुतलियों के केंद्र से बहुत हटकर हैं तो सिरदर्द, आँखों में तनाव, और उबकाई जैसी समस्याएँ भी हो सकती हैं। यदि आपको इन समस्याओं का अनुभव हो तो अपने ऑप्टिशियन से मिलकर अपने लिए पढ़ने के चश्मे का एक कस्टमाइज़्ड प्रेस्क्रिप्शन लिखवाएँ।

साथ ही, पढ़ने का विशिष्ट चश्मा खरीदने से आपको उन विशेषताओं का भी लाभ मिलता है जो रेडी-मेड चश्मों में नहीं होती हैं। उदाहरण के लिए:

  1. पढ़ने के विशिष्ट चश्मों पर मौजूद परावर्तन-रोधी लेप (एंटी-रिफ़्लेक्टिव कोटिंग) लेंस से इधर-उधर छितराने वाले परावर्तनों को ख़त्म करके उससे होने वाले आँखों के तनाव से मुक्ति दिलाता है।
  2. कस्टम-मेड पढ़ने के चश्मों के फोटोक्रोमिक लेंस आपकी आँखों को यूवी किरणों और डिजिटल उपकरणों से निकलने वाले उच्च-ऊर्जा दृश्य नीले प्रकाश से बचाते हैं — और यदि आपको बाहर खुले में पढ़ना पसंद है तो ये लेंस धूप में अपने-आप गहरे रंग के भी हो जाते हैं।
  3. यदि आपको अपनी दूर की नज़र के लिए प्रेस्क्रिप्शन चश्मा नहीं चाहिए हो तो भी आप यह पाएंगे कि प्रोग्रेसिव लेंस, पढ़ने वाले लेंसों की तुलना में बेहतर विकल्प होते हैं — विशेष रूप से तब यदि आप कई सारे काम एक साथ करते हों और आपको एक ही समय पर पढ़ने और कमरे के पार साफ-साफ देखने की ज़रूरत रहती हो।

आख़िर में, विशेष "ऑफ़िस" प्रोग्रेसिव लेंस भी उपलब्ध हैं जिनसे आपको अपने कार्य स्थान पर रेडी-मेड चश्मों की तुलना में कहीं अधिक गहरा फ़ोकस मिलता है।

पढ़ने के चश्मे कंप्यूटर वाले चश्मे नहीं हैं

पढ़ने के चश्मों को कंप्यूटर वाला चश्मा समझने की ग़लती न करें.

यदि आप अपनी कंप्यूटर की स्क्रीन देखने की कोशिश में पढ़ने के चश्मे का उपयोग कर रहे हैं, तो शायद वह कुछ ज़्यादा अच्छा काम नहीं करेगा। पहली बात तो यह कि छपी हुई सामग्री को कम दूरी से पढ़ा जाता है और कंप्यूटर स्क्रीन पर मौजूद टेक्स्ट को अधिक दूरी से।

और दूसरी बात यह कि यदि आपका पढ़ने का चश्मा इस प्रकार का है कि अपने मॉनिटर को देखने के लिए आपको अपना सिर पीछे की ओर झुकाना पड़ता है, तो आप अपनी गर्दन की पेशियों पर अनावश्यक ज़ोर डाल रहे हैं।

कंप्यूटर का उपयोग करने वालों को कंप्यूटर स्क्रीन एवं अन्य डिजिटल उपकरणों को देखते समय सर्वाधिक आराम के लिए और, उच्च-ऊर्जा वाले दृश्य नीले प्रकाश से सुरक्षा के लिए, प्रेस्क्रिप्शन कंप्यूटर चश्मे ही खरीदने चाहिए।

आँखों की जाँच से बचने का ख़तरा

रेडी-मेड पढ़ने के चश्मों के साथ एक और समस्या है जो कहीं अधिक गंभीर है और उसका संबंध चश्मों से कम है और उन्हें खरीदे जाने के कारण से अधिक है।

कुछ लोग, जब यह पाते हैं कि अब उन्हें कहीं अधिक पॉवर वाले पढ़ने के चश्मों की ज़रूरत है तो वे ऑप्टिशियन के पास जाने की बजाय सीधे केमिस्ट के पास चले जाते हैं। पर आपको हमेशा सबसे पहले अपने ऑप्टिशियन से सलाह लेनी चाहिए।

बेशक, हो सकता है कि अधिक पॉवर वाले पढ़ने के चश्मे की ज़रूरत के पीछे और कुछ नहीं बस बढ़ती आयु का ही हाथ हो। पर इसके पीछे आपकी आँखों की कोई गंभीर समस्या भी हो सकती है जिसका उपचार समय रहते पता चलने पर संभव हो सकता है।

अपनी आँखों को दाँव पर न लगाएँ — पहले अपने ऑप्टिशियन से मिलकर आँखों की जाँच करवाएँ और  उसके बाद ही अधिक पॉवर वाला पढ़ने का चश्मा खरीदें।

अधिक लेख