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हरी आंखें: आंखों का सबसे आकर्षक रंग?

यदि आपकी आंखें हरी हैं तो आपके पास इस पर खुश होने का एक अच्छा कारण है।

हालांकि हरे रंग को अक्सर ईर्ष्या से जोड़ा जाता है (शेक्सपियर के ऑथेलो में भी ईर्ष्या को "हरी आंखों वाला दैत्य" कहा गया है), पर कई लोग हरे रंग को आंखों का सबसे आकर्षक रंग मानते हैं।

एक ऑनलाइन सर्वेक्षण में, AllAboutVision.com ने पाठकों से पूछा कि उन्हें किस रंग की आंखें सबसे आकर्षक लगती हैं। हमें 66,000 उत्तर मिले जो इस प्रकार हैं:

  1. हरी: 20.3%

  2. हल्की नीली: 16.9%

  3. भूरी: 16.0%

  4. गहरी नीली: 15.2%

  5. धूसर (ग्रे): 10.9%

  6. शहद सी: 7.9%

  7. जामुनी: 6.9%

  8. कत्थई: 5.9%

हरी आंखों का यह आकर्षण, आंशिक रूप से उनकी दुर्लभता के कारण हो सकता है। आंखों का कौनसा रंग कितना सुलभ या दुर्लभ है इस बात के विश्वसनीय आंकड़े जुटाना कठिन है, पर कुछ स्रोत बताते हैं कि दुनिया भर में हरी आंखें मात्र 2% हैं।

हालांकि, हरी आंखों की व्यापकता विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों और देशों में काफ़ी अलग-अलग होती है; उत्तरी और मध्य यूरोप में इनका प्रतिशत सर्वाधिक है।

उदाहरण के लिए, एडिनबर्ग, स्कॉटलैंड में, एक आकलन के अनुसार 29% निवासियों की आंखें हरी हैं (57% की नीली और केवल 14% की आंखें कत्थई हैं).

आइसलैंड में, लोगों के एक सर्वे से पता चला कि 89% महिलाओं और 87% पुरुषों की आंखें नीली या हरी हैं।

आंखों को हरा रंग कैसे मिलता है?

आंखों के रंग के निर्धारण में आनुवंशिकी की भूमिका होती है, पर किसी बच्चे के माता-पिता की आंखों के रंग से बच्चे की आंखों के रंग का 100% निश्चित पूर्वानुमान बता पाना लगभग असंभव है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि आंखों के रंग की वंशानुगतता में कई अलग-अलग जीन शामिल होते हैं, और इन जीन की विभिन्न अंतःर्क्रियाएं तथा अभिव्यक्ति के स्तर बच्चों को मिलने वाले आंखों के रंग को परिवर्तित कर सकते हैं।

आंखों के अंदर आइरिस (परितारिका) नामक संरचना आंखों के रंग के लिए ज़िम्मेदार होती है — यह एक पतली और गोल संरचना होती है जो पुतली को घेरे होती है। पुतली के आकार को और आंख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करने के साथ-साथ, आइरिस में पिगमेंट युक्त कोशिकाएं भी होती हैं जो आंखों का रंग तय करती हैं।

पर दिलचस्प बात यहीं से तो शुरू होती है: हालांकि आंखों के रंग तो बहुत सारे हैं, पर आश्चर्य की बात है कि आंखों के पिगमेंट बहुत कम प्रकार के होते हैं। असल में, आंखों के लगभग सभी रंग इस बात से तय होते हैं कि आइरिस की कोशिकाओं में मेलानिन नामक कत्थई पिगमेंट की मात्रा कितनी है।

अब आप पूछेंगे कि कत्थई पिगमेंट आंखों को हरा, या नीला, या भूरा रंग, यानी कत्थई को छोड़ कर अन्य कोई भी दूसरा रंग कैसे दे सकता है भला?

आइरिस में पाई जाने वाली मेलानोसाइट नामक कोशिकाओं में मेलानिन नामक पिगमेंट के दानों की अलग-अलग मात्राओं के चलते आंखों का रंग अलग-अलग होता है। ये कोशिकाएं, उनके लिए आनुवंशिक रूप से निर्धारित मेलानिन की मात्रा शुरुआती बचपन में हासिल कर लेती हैं, और उनमें मेलानिन की मात्रा आजीवन लगभग अपरिवर्तित रहती है।

जिस व्यक्ति के आइरिस में मेलानिन कम होता है उसकी आंखों का रंग हल्का (जैसे नीला या हरा) होता है, और जिस व्यक्ति के आइरिस में मेलानिन की मात्रा अधिक होती है उसकी आंखें कत्थई होती हैं।

पर आंखों का रंग तय करने में, विशेष रूप से हरी आंखों और नीली आंखों की विभिन्न रंगतें तय करने में एक अतिरिक्त कारक शामिल होता है। जब प्रकाश आइरिस से और आइरिस के अंदर मौजूद पिगमेंट युक्त मेलानोसाइट कोशिकाओं से टकराता है, तो प्रकाश छितर जाता है और परावर्तित होता है।

इस परिघटना को रेली प्रकीर्णन कहते हैं और इससे विभिन्न परावर्ती रंग उत्पन्न हो सकते हैं जो आइरिस की भौतिक संरचना पर तथा मेलानोसाइट की मात्रा पर और उनके अंदर मेलानिन के घनत्व पर निर्भर करते हैं।

इन चरों पर निर्भर करते हुए, रेली प्रकीर्णन (यही परिघटना मेघहीन आकाश को नीला दिखाती है) नीले, हरे, भूरे आदि रंगों की विभिन्न रंगतें उत्पन्न कर सकता है।

ध्यान देने लायक बात यह भी है कि, आइरिस की संरचना और उसमें मेलानोसाइट के वितरण पर निर्भर करते हुए, आंखों के कुछ रंग ऐसे भी हो सकते हैं जिन्हें किसी श्रेणी विशेष में रखना कठिन हो।

उदाहरण के लिए, कुछ "हरी" आंखों में पुतली के पास भूरे या कत्थई रंग का किरीट हो सकता है, जिससे वे कभी भूरी तो कभी हरी दिखाई देती हैं, जो कि प्रकाश, मेकअप और व्यक्ति के कपड़ों के रंग पर निर्भर करता है।

हरी आंखों वाले सेलिब्रिटी

क्या हरी आंखों का आकर्षण अभिनेताओं, अभिनेत्रियों व अन्य प्रसिद्ध लोगों को जनता का ध्यान खींचने में मदद करता है? शायद।

ये हैं ऐसे कुछ अभिनेता-अभिनेत्री, गायक-गायिकाएं और अन्य प्रसिद्ध लोग जिनके आकर्षण का कुछ श्रेय उनकी हरी आंखों को जाता है:

अडैल, एड्रिएन ब्रॉडी, डेनियल डे-लुईस, केटी होम्स, टेरेंस हॉवर्ड, केट हडसन, स्कारलेट जॉनसन, जॉन क्रासिन्स्की, लिओना लुईस, लिंडसे लोहान, केट मिडलटन (कैथरीन, कैंब्रिज की रानी), क्लाइव ओवेन, जोएक्विन फीनिक्स, एडी रेडमायन, रिहाना, स्मोकी रॉबिन्सन, पॉल रड, क्रिस्टे स्ट्यूअर्ट, एमा स्टोन, टिल्डा स्विन्टन, चैनिंग टैटम, चार्लाइज़ थेरॉन, ब्रूस विलिस।

अपनी आंखों का रंग बेहतर बनाना

यदि आप सच में चाहते हैं कि आपकी आंखें जन्म पर मिले रंग की बजाय हरी होतीं, तो एक विकल्प यह है कि आप रंगीन कॉन्टैक्ट लेंस पहनें।.

कई ब्रांड के और कई रंगतों वाले हरे कॉन्टैक्ट लेंस उपलब्ध हैं, यदि आपकी दृष्टि प्राकृतिक रूप से दोषमुक्त है तो आपके लिए शून्य करेक्टिव पॉवर वाले लेंस भी उपलब्ध हैं।.

यदि आपकी आंखें प्राकृतिक रूप से हरी हैं और आप चश्मा लगाते हैं, तो एंटी-रिफ़्लेक्टिव (AR) कोटिंग वाले लेंस आपकी आंखों के हरे रंग की नुमाइश में मदद करेंगे। AR कोटिंग आपके चश्मे में से ध्यान भंग करने वाले परावर्तन ख़त्म कर देती है जिससे दूसरे लोग आपकी सुंदर और बोलती हरी आंखों के दर्शन कर पाते हैं।

आपकी आंखों का रंग चाहे जो हो, वे सच में अनूठी होती हैं और उनकी कभी-भी नकल नहीं बनाई जा सकती है। बर्फ़ के कणों की तरह, हर आंख की विशेषताएं भी अलग होती हैं, और इसलिए, हर आंख शानदार होती है — चाहे उसका रंग कुछ भी हो।

आंखों की नियमित जांच करवाएं

अपनी सुंदर हरी आंखों को पूरी तरह स्वस्थ बनाए रखने के लिए, कम-से-कम हर दो वर्ष पर आंखों की नियमित जांच करवाएं।

आपने अपनी आंखों की जांच पिछली बार कब करवाई थी? अपने पास का कोई नेत्र देखभाल पेशेवर ढूंढें और अपॉइंटमेंट तय करें।

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